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Korba: करंट लगने से ग्रामीण की हुई मौत, सरकारी हैंडपंप को बोरवेल बनाए जाने पर विवाद

Fri, 12 Apr 2024 09:43 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा

सार

कोरबा जिले में करंट लगने से ए ग्रामीण की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि बोरवेल के लिए ली गई बिजली की लाइन की चपेट में आने से यह घटना हुई है। 
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करंट लगने से ग्रामीण की मौत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उरगा थाना क्षेत्र के सुपातराई गांव में करंट लगने से ए ग्रामीण की मौत हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मौत को लेकर पंचायत के सरपंच और पूर्व सरपंच में ठन गई है। वहीं, सरकारी हैंडपंप को बोरवेल बनाए जाने पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। 

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मृतक के पुत्र कैलाश कंवर ने बताया कि बोरवेल के लिए ली गई बिजली की लाइन की चपेट में आने से यह घटना हुई है। बोरवेल किसके द्वारा लगाया गया और इसका उपयोग किस तरह से हो रहा था, इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। उसे जब ग्रामीणों ने सूचना दी तब मौके पर जाकर देखा कि उसके पिता करंट में चिपक गए हैं और उनकी मौत हो चुकी थी, तब उसने जाकर इसकी जानकारी घरवालों को दी।

करंट से मौत होने के बाद गांव में माहौल बदल गया और तनाव की स्थिति निर्मित हो गई। वहां दो पक्ष बोरवेल के लिए आमने-सामने आ गए और दोनों एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने लगे। घटनाक्रम को लेकर सरपंच पति संतराम कंवर का कहना है कि गांव में लोगों को जलापूर्ति के लिए छह जगह पर बोरवेल लगाए गए हैं। इनमें से कुछ की स्थापना हैंडपंप में ही की गई है, जो सरकारी फंड से स्थापित किए गए थे। 
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संतराम कंवर ने कहा कि जहां पर घटना हुई, उस हैंडपंप पर किरण पटेल के द्वारा कथित रूप से बोरवेल लगा लिया गया है। पूर्व में विवाद की स्थिति निर्मित हो चुकी है। सरकारी बोरवेल होने के बावजूद आसपास के लोगों को यहां से पानी की सुविधा नहीं मिल रही है और यह शिकायत मेरे पास आई है। सरपंच के इस आरोप को पूर्व सरपंच मनहरण पटेल ने सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने बताया कि किरण पटेल उनकी पत्नी हैं, जबकि संबंधित बोरवेल भाई के यहां लगा हुआ है, जो उनका खुद का है। लंबे समय से इसका उपयोग हो रहा है और इसे लेकर विवाद की स्थिति नहीं है। हाल में हुई घटना को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की जा रही है।

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