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छत्तीसगढ़ के नान घोटाले में 12 अफसर गिरफ्तार

Sat, 21 Mar 2015 11:53 AM IST
टीम डिजिटल / अमर उजाला
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छत्तीसगढ़ के नान ( नागरिक आपूर्ति निगम) घोटाले में राज्य सरकार ने बड़ी कार्रवाही करते हुए करीब 36 दिन बाद घोटाले के आरोपी 12 अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंधक शिवशंकर भट्ट को भी गिरफ्तार किया गया। एंटी क्रप्शन व्यूरो की टीम ने इन बारह लोगों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
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गौरतलब है कि एंटी क्रप्शन व्यूरो और आर्थिक अपराध नियंत्रण शाखा ने पूर्व में नान अधिकारियों के 25 अलग- अलग ठिकानों पर छापेमारी कर करीब सात करोड़ से अधिक की रकम जब्त की थी। नागरिक आपूर्ति निगम में हुए घोटाले के बाद विपक्ष से विधानसभा में भी जमकर हंगामा किया था और इस मामले में सरकार से सीबीआई जांच की मांग की थी। सरकार सीबीआई जांच कराने से बच रही थी लेकिन दबाव के चलते अब सरकार ने कार्रवाही की है।

इन पर हुई कार्रवाही

शिवशंकर भट्ट (प्रबंधक नान), संदीप अग्रवाल (कंपनी सेक्रेटरी नान, रायपुर) अशोक सोनी (जिला प्रबंधक नान, कांकेर)

सतीश कैवर्त (गुणवत्ता निरीक्षक नान, केशलूर), क्षीरसागर पटेल (जूनियर टेक्नीकल एसिस्टेंट, रायगगढ़)

सुधीर कुमार भोले (एओ, रायपुर), केके य़दु (जिला प्रबंधक नान, रायपुर), टीकमचंद हरचंदानी (जिला प्रबंधक नान, धमतरी)

रविंद्र नाथ सिंह (जिला प्रबंधक नान, सूरजपुर), दिलीप कुमार (शर्मा शाखा प्रबंधक भंडार गृह निगम, बालोद), देवेंद्र कुशवाहा (शाखा प्रबंधक नान, रायपुर), रामफूल पाठक (उप प्रबंधक नान, रायपुर)
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इन पर नहीं हुई कार्रवाही

अभी भी इस घोटाले से जुड़े कई बड़े अफसरों पर एसीबी की टीम ने कार्रवाही नहीं की है। सूत्रों की मानें तो ये अफसर सरकार में दखल रखते हैं और कहीं न कहीं सरकार इन अफसरों पर कार्रवाही करने से बच रही है। कार्रवाही न होने पर इस मामले में और बवाल मच सकता है।

सीजी की खबर के मुताबिक एंटी क्रप्‍शन व्यूरो और आर्थिक अपराध नियंत्रण शाखा ने जब नान के अफसरों के 25 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारे तो उनके कब्जे से करोडों की रकम मिली थी।

जिसमें जीत राम यादव (सीनीयर असिस्टेंट, नान) के यहां से 8,60,600 रुपए, त्रिनाथ रेड्डी (एओ नान, रायपुर) - 42,000,  किर्ती बारीक (स्टेनो नान, रायपुर) - 31,800 रुपए,  गिरीश शर्मा (एमडी का पीए नान) - 20 लाख रुपए, आलोक चंद्रवंशी (गुणवत्ता निरीक्षक) - 18,8805 रुपए बरामद किए गए थे। एंटीक्रप्‍शन व्यूरो के अधिकारियों का कहना है अभी इस मामले में जांच जारी है जरूरी होने पर अन्य लोगों पद कार्रवाही की जाएगी।
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