छत्तीसगढ़ में छात्र स्टार्टअप और नवाचार को नई दिशा देने के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। वित्त विभाग ने छात्र स्टार्टअप एवं नवाचार नीति (SSIP) के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 5 करोड़ रुपये की राशि जारी करने की मंजूरी दे दी है। यह बजट पहले से प्रावधानित था, जिसे वर्तमान वित्तीय वर्ष में उपयोग करने की अनुमति दी गई है।
स्वीकृत राशि का उपयोग i-Hub छत्तीसगढ़ के संचालन को सुदृढ़ करने, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट की स्थापना, राज्यभर में स्टार्टअप गतिविधियों की निगरानी, रिपोर्टिंग और वित्तीय प्रबंधन को बेहतर बनाने में किया जाएगा। साथ ही राज्य स्तरीय हैकाथॉन, आइडियाथॉन, इनोवेशन कैंप, स्टार्टअप मीट और नवाचार से जुड़े जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
नीति के तहत छात्रों और नवप्रवर्तकों के विचारों को अवधारणा स्तर से प्रोटोटाइप तक ले जाने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इससे प्रारंभिक परीक्षण, डिजाइन, तकनीकी सेवाएं और विशेषज्ञों की मार्गदर्शन सुविधा मिल सकेगी। इसके अलावा चयनित स्टार्टअप्स को सीड ग्रांट देकर उत्पाद विकास, बाजार सत्यापन, कानूनी सहयोग और प्रारंभिक मार्केटिंग में सहायता प्रदान की जाएगी।
नीति में बौद्धिक संपदा अधिकारों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी गई है। पेटेंट, कॉपीराइट, डिजाइन और ट्रेडमार्क फाइलिंग के लिए तकनीकी, कानूनी और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि युवाओं के नवाचार सुरक्षित रह सकें और उन्हें प्रतिस्पर्धा में बढ़त मिल सके।
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को नवाचार और उद्यमिता का मजबूत केंद्र बनाना है। उनके अनुसार 5 करोड़ रुपये की यह स्वीकृति युवाओं की क्षमता और विचारों पर सरकार के विश्वास का संकेत है, जिससे नए स्टार्टअप्स विकसित होंगे और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार युवाओं की प्रतिभा और नवाचार क्षमता को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार गंभीर प्रयास कर रही है। SSIP के लिए प्रदान की गई यह वित्तीय स्वीकृति राज्य में नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और रोजगार सृजन को गति प्रदान करने में अहम भूमिका निभाएगी।