छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह कांग्रेस काफिले में हुए नक्सली हमले के पीछे सुरक्षा में हुई चूक को मुख्य रूप से जिम्मेदार मानते हैं। मुख्यमंत्री ने नक्सली हिंसा के खिलाफ प्रदेश में सेना का इस्तेमाल किए जाने की संभावना को खारिज कर दिया है।
हमले की जांच पर हाई कोर्ट के जज की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई का आश्वासन देने वाले सिंह ने कांग्रेस के उस आरोप को भी खारिज कर दिया जिसमें बस्तर में परिवर्तन रैली कर रहे कांग्रेस के नेताओं को पर्याप्त सुरक्षा नहीं मुहैया कराने की बात कही गई थी।
सिंह ने कहा कि पर्याप्त सुरक्षा नहीं देने का आरोप सही नहीं है। सरकार ने परिवर्तन यात्रा कर रहे नेताओं को पूरी सुरक्षा दी थी। सिंह ने कहा कि सुरक्षा में कही न कही चूक जरूर हुई है। जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
रिपोर्ट के आधार पर सुरक्षा में चूक करने के दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सिंह ने कहा कि बस्तर में नक्सलियों से लड़ने के लिए सेना की जरूरत नहीं है। यह कोई युद्ध क्षेत्र नहीं है। राज्य और केंद्र के बीच समन्वित कार्रवाई से ही नक्सलियों से लड़ा जा सकता है।