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'गरीबों के चावल में डकैती': पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर बोले- महादेव एप की तरह धान खरीदी का हिसाब दें CM भूपेश

Mon, 18 Sep 2023 07:23 PM IST
ललित कुमार सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर

सार

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने धान खरीदी और चावल उत्पादन मामले में राज्य की भूपेश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सरकार पर जमकर जुबानी हमला बोलते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल 15 सिंतबर को रायपुर आए थे।
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विधायक अजय चंद्राकर, सीएम भूपेश बघेल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने धान खरीदी और चावल उत्पादन मामले में राज्य की भूपेश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सरकार पर जमकर जुबानी हमला बोलते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल 15 सिंतबर को रायपुर आए थे। उन्होंने कहा था कि प्रदेश में धान की खरीदी में गड़बड़ी हुई है। उन्होंने भारतीय खाद्य निगम के अधिकारियों को कार्रवाई करने के लिए भी कहा था। चंद्राकर ने कहा कि प्रदेश में अनाज की चोरी हुई है। डकैती हुई है। कांग्रेस सरकार के संरक्षण में चावल की डकैती हो रही है। सीएम ने जिस तरह से महादेव सट्टा के बारे में सिलसिलेवार बताया था। ठीक उसी प्रकार से चावल चोरी के बारे में भी जनता को बताना चाहिए। क्योंकि ये गरीबों के खाद्यान का मामला है। 
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उन्होंने कहा का कोरोना काल के दौरान 10 किलो चावल लोगों को मिला। केंद्र की हिसाब से 15 की जगह 5 किलो का चावल गायब हुआ। इसे कौन खाया? मुख्यमंत्री को जांच करानी चाहिए। 24 मार्च को जांच रिपोर्ट विधानसभा के पटल में रखी जानी थी, लेकिन षडयंत्रपूर्वक 23 तारीख को ही 17 सत्र खत्म करवा दिया गया। ऐसे में सरकार बताएं कि 13 हजार दुकान में कितना शॉर्टेज पाया गया, वह कितने मूल्य का है? कितनी मात्रा में जमा कराया गया? कितने लोगों से जमा करवाया गया? सरकार उसकी मात्रा बताएं? यदि वसूली हुई तो कितने लोगों से वसूली हुई? उसका मूल्यांकन किसने किया? उसका सत्यापन कितने दिन में हुआ? सीएम ने घोषणा की थी कि अनियमितता के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। क्या कार्रवाई हुई, बताएं। 

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'धान खरीदी कांग्रेस के लिए कमीशनखोरी का धंधा है'
मंत्री अजय चंद्राकर ने कहा कि  बीजेपी चाहती है कि सही तथ्य सामने आए। सीएम धान खरीदी को लेकर जब भी बात करते हैं, आधे-अधूरी करते हैं और राजनीतिक बातें करते हैं। विधायक ने आरोप लगाया कि धान खरीदी कांग्रेस के लिए व्यवसाय है, उद्योग है। कमीशनखोरी का धंधा है। किसानों का हित कांग्रेस के एजेंडे में नहीं है। पिछले साल एक करोड़ 7 लाख टन धान की खरीदी हुई थी। सीएम ने कहा है कि ज्यादा धन को कम कर दिया गया है। केंद्र ने 61 लाख टन करने का कारण भी बताया है। केंद्र सरकार ने जब 86 लाख टन धान लेने की घोषणा की तो सीएम ने कहा कि यूक्रेन में युद्ध के कारण धान का संकट है, इसीलिए वह 86 लाख टन धान ले रहे हैं। जब केंद्र से 61 लाख टन कर दिया तो इन्होंने कहा कि हमारे साथ अन्याय हो रहा है। इसके लिए वो पत्र लिखते हैं।  
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'धान की तस्करी करने के लिए बायोमेट्रिक सिस्टम का विरोध'
विधायक चंद्राकर ने कहा कि केंद्र सरकार ने रिकॉर्ड के आधार पर जब बायोमेट्रिक कर दिया तो भी भूपेश सरकार के पेट में दर्द हो रहा है। यदि आप खुलेतौर से धान का उपार्जन करते हैं तो बायोमेट्रिक से डरने की क्या जरूरत है। जितना धान का उत्पादन होता है। उतना खरीदी की घोषणा करनी चाहिए। आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार धान की तस्करी करने के लिए और चोरी के धान खरीदी करने के लिए ही यह हथकंडे अपना रही है। इस वजह से बायोमेट्रिक का विरोध कर रही है। इसी घोटाले का अंदेशा केंद्रीय मंत्री गोयल ने व्यक्त किया है। आरोप लगाय कि सरकार गरीबों के अनाज में भी भ्रष्टाचार कर रही है। सीएम ने विधायक के नोट के बंडल वायरल वीडियो पर स्पष्टीकरण दिया है कि कौन दे रहा है, कौन ले रहा है बताएं। तो उन्हें करकट्टा के दूसरे मामले में भी बताना चाहिए। स्पष्टीकरण देना कांग्रेस का चरित्र है। 
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