Ayodhya ram mandir inauguration: भगवान राम के ननिहाल छत्तीसगढ़ से अयोध्या के लिए तीन हजार कुंतल चावल भेजा गया है। 11 ट्रकों से चावल रवाना किया गया। सीएम विष्णुदेव साय ने हरी झंडी दिखाकर सभी ट्रकों को रवाना किया। छत्तीसगढ़ के सुगंधित बासमती चावल से अयोध्या का महाभंडारा महकेगा। महाभंडारे में प्रसाद के रूप में चावल बांटा जाएगा। दरअसल छत्तीसगढ़ माता कौशल्या का मायका और भगवान राम का ननिहाल है।
अयोध्या में तैयार हो रहे भव्य श्रीराम मंदिर के उद्घाटन की तैयारी चल रही है। 22 जनवरी 2024 को श्रीराम मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा समारोह होगा। इसके लिए अयोध्या सहित देश भर में तैयारियां चल रही हैं। देश का हर प्रदेश अपनी तरफ से कुछ न कुछ दान कर पु्ण्य का भागी बन रहा है। इसी क्रम में भगवान राम के ननिहाल यानी छत्तीसगढ़ में भी जमकर तैयारी चल रही है। आज शनिवार को छत्तीसगढ़ से तीन हजार कुंतल चावल अयोध्या रवाना किया गया है। इस चावल का इस्तेमाल भगवान श्रीराम के महाभंडारे में होगा। छत्तीसगढ़ के सुगंधित चावल से अयोध्या का महाभंडारा महकेगा।
बता दें कि राज्य के राइसमिलर्स एसोसिएशन की तरफ से यह चावल भेजा गया है। सभी 33 जिलों से चावल एकत्र किया गया है। इसमें छत्तीसगढ़ की सबसे अच्छी किस्म का चावल शामिल रहेगा। राइसमिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि अयोध्या राम मंदिर समिति के पदाधिकारी चंपत राय ने छत्तीसगढ़ राइसमिलर्स को पत्र लिखकर चावल भेजने का अनुरोध किया था। इसके बाद चावल भेजने का फैसला लिया गया है। प्राण प्रतिष्ठा समारोह में देशभर से श्रद्धालु अयोध्या पहुंचेंगे। ऐसे में सभी व्यवस्था का पूरा ख्याल रखा जा रहा है। छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहते हैं। राज्य में एक से बढ़कर एक चावल की किस्मों का उत्पादन होता है।
छत्तीसगढ़ में सिर्फ भगवान राम को पूजते ही नहीं है बल्कि प्रदेश के लोग उन्हें अपना भांजा भी मानते हैं। यहीं वजह है कि छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लगे चंदखुरी में सफेद कमल खिले तालाब के बीचों बीच माता कौशल्या का भव्य मंदिर है। इसे 10वीं शताब्दी में बनाया गया था। त्रेता युग में इसे कौशलपुर नगरी के नाम से पुकारा जाता था।