छत्तीसगढ़ में एनआईए की टीम ने वांटेड लिस्ट में शामिल आरोपी महिला नक्सली मड़काम हूंगी को गिरफ्तार कर लिया है। रायपुर से पहुंची टीम ने उसे बीजापुर से पकड़ा है। मड़काम हूंगी साल 2021 में टेकलुगुड़ेम में हुई पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में शामिल थी। इस मुठभेड़ में 22 जवान शहीद हुए थे, जबकि 30 से ज्यादा घायल हो गए थे। महिला नक्सली मड़काम हूंगी को सोमवार को एनआईए ने जगदलपुर की स्पेशल कोर्ट में पेश किया। इसके बाद उससे पूछताछ की जा रही है।
बीजापुर के भोपालपट्नम से टीम ने पकड़ा
पुलिस अफसरों के मुताबिक, पकड़ी गई आरोपी महिला नक्सली मड़ाकम हूंगी उर्फ कमला बीजापुर के ही पामेड़ क्षेत्र के मुत्तामडगु उड़तामल्ला की रहने वाली है। एनआईए टीम ने उसे रविवार को बीजापुर के भोपालपट्नम से पकड़ा है। बीजापुर के तर्रेम क्षैत्र के टेकलगुड़ियम गांव से लगे जंगलों में पुलिस टीम पर हमला हुआ था। जंगल में छिपे नक्सलियों ने घात लगाकर जवानों पर फायरिंग की थी। इस नक्सली हमले में मड़काम हूंगी पर भी शामिल होने और फायरिंग का आरोप है।
ग्रेनेड लॉन्चर से किया था हमला, एक जवान को अगवा भी किया था
बीजापुर जिले के तर्रेम थाना क्षेत्र के टेकलगुड़ा में 3 अप्रैल 2021 को पुलिस-नक्सली मुठभेड़ हुई थी। इस दौरान करीब 350 से 400 नक्सलियों ने घात लगाकर जवानों पर हमला कर दिया नक्सलियों ने जवानों पर फायरिं के साथ ही बीजीएल (बैरल ग्रेनेड लॉन्चर) भी दागा था। जवानों के हथियार लूट लिए और कोबरा बटालियन के एक जवान राकेश्वर सिंह मन्हास को अगवा कर ले गए थे। घटना के बाद महिला नक्सली मड़काम हूंगी के खिलाफ थाना तर्रेम में पांच जून 2021 को एफआईआर दर्ज हुई थी।
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दो दिन पहले ही कांकेर में मुठभेड़
कांकेर के आमाबेड़ा क्षेत्र के उसेली और मरमाकोनारी के बीच पहाड़ी जंगल में दो दिन पहले भी डीआरजी जवानों की नक्सलियों से मुठभेड़ हुई थी। करीब आधे घंटे चली मुठभेड़ के बाद नक्सली वहां से अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले। डीआरजी की टीम शनिवार शाम सर्चिंग पर ग्राम उसेली, मरमाकोनारी और उसके आसपास के इलाके में निकली थी। इस दौरान नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर जवान ग्राम उसेली गुमझीर, मरमाकोनारी की ओर एरियाडॉमिनेशन के लिए रवाना हुए थे।