छत्तीसगढ़ में दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई शुरू हो गई है। इस बार प्रदेश में सामान्य से करीब 5 प्रतिशत अधिक बारिश हुई। मानसून सीजन में 1194.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य औसत 1141.2 मिलीमीटर है। अब मानसून की वापसी के साथ मौसम शुष्क होने और गर्मी-उमस बढ़ने की संभावना है।
छत्तीसगढ़ में दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू हो चुकी है। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, 3 अक्तूबर को प्रदेश के कुछ क्षेत्रों से मानसून लौट चुका है। आगामी दो से तीन दिनों में राज्य के कुछ और हिस्सों से मानसून की वापसी हो जाएगी। पिछले वर्ष मानसून की विदाई अक्तूबर महीने के मध्य में हुई थी। इस बार सितंबर के अंतिम सप्ताह में बंगाल की खाड़ी में बने एक मौसम तंत्र के कारण प्रदेश के अनेक हिस्सों में जोरदार बारिश दर्ज हुई थी। हालांकि, अब बारिश थमते ही राज्य के अधिकांश इलाकों में गर्मी और उमस का प्रभाव बढ़ गया है। बीते 24 घंटों के दौरान छत्तीसगढ़ में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस कोरबा में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 18.6 डिग्री सेल्सियस पेंड्रा रोड में रिकॉर्ड हुआ।
मानसून सीजन के दौरान सामान्य से अधिक बारिश दर्ज
छत्तीसगढ़ में मानसून के पूरे सीजन के दौरान औसतन 1141.2 मिलीमीटर बारिश होती है। इस वर्ष मानसून सीजन में कुल 1194.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य औसत से लगभग 4.7 प्रतिशत यानी करीब 5 प्रतिशत अधिक है। इस वर्ष मानसून की शुरुआत धीमी और कमजोर रही थी, लेकिन जुलाई महीने से वर्षा की स्थिति में काफी सुधार आया। जुलाई में सामान्य औसत 375.5 मिलीमीटर के मुकाबले 494 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई, जो सामान्य की 132 प्रतिशत थी। अगस्त महीने में 364.2 मिलीमीटर की सामान्य औसत वर्षा के मुकाबले 355.3 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जो सामान्य की 98 प्रतिशत रही। इसके बाद सितंबर में सामान्य औसत 208.9 मिलीमीटर की तुलना में 279.3 मिलीमीटर वर्षा हुई।
नौ जिलों में अतिवृष्टि और तीन जिलों में कम वर्षा का आंकड़ा
भारी बारिश से फसलों को नुकसान और आगामी मौसम की स्थिति