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मीसाबंदियों को साय सरकार का तोहफा: फिर बहाल होगी पेशन योजना, मुख्यमंत्री ने की विधानसभा से घोषणा

Tue, 27 Feb 2024 11:44 AM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर

सार

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश के मीसाबंदियों को सम्मान निधि राशि देने की घोषणा विधानसभा में की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने इस योजना को रोक दिया था।
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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विधानसभा से एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मीसाबंदियों को सम्मान निधि राशि दी जाएगी। कांग्रेस सरकार ने मीसाबंदियों को सम्मान निधि राशि पर रोक लगा दी थी।

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विधानसभा में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य में 1975 से 1977 के बीच आपातकाल के दौरान आंतरिक सुरक्षा रखरखाव अधिनियम (एमआईएसए) के तहत हिरासत में लिए गए लोगों की पेंशन बहाल की जाएगी।

विधानसभा में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मीसाबंदियों के लिए सम्मान निधि पेंशन (पेंशन) फिर से शुरू की जाएगी। आपातकाल के दौरान मीसा के तहत बंदियों के लिए पेंशन योजना को 2019 में पिछली कांग्रेस सरकार ने रोक दिया था। जो 2008 में भाजपा शासन के दौरान राज्य में शुरू की गई थी।
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मीसा बंदियों (लोकतंत्र सेनानी) को तीन अलग-अलग श्रेणियों में 10,000 रुपये से लेकर 25,000 रुपये तक पेंशन दी जाती थी। अपने विभागों की 8421.82 करोड़ रुपये की अनुदान मांगों पर विधानसभा में चर्चा का जवाब देते हुए उन्होंने यह भी कहा कि पीएम-वाणी योजना के पहले चरण में 1000 ग्राम पंचायतों को वाईफाई सुविधा मिलेगी।

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विधानसभा से मुख्यमंत्री ने की बड़ी घोषणाएं...
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से संबद्ध विभागों के लिए विधानसभा में 8421 करोड़ 82 लाख 8 हजार रुपये की अनुदान मांगें चर्चा के बाद ध्वनिमत से पारित कर दी गई। अनुदान मांगों में सामान्य प्रशासन विभाग के लिए 475 करोड़ 39 लाख 81 हजार रुपये, सामान्य प्रशासन विभाग से संबंधित अन्य व्यय के लिए 74 करोड़ 18 लाख 29 हजार रुपये, वाणिज्यिक विभाग(आबकारी) के लिए 432 करोड़ 3 लाख 44 हजार रुपये, ऊर्जा विभाग के लिए 3990 करोड़ 56 लाख 89 हजार रुपये, पशुपालन विभाग के लिए 513 करोड़ 1 लाख 58 हजार रुपये, मछलीपालन विभाग के लिए 106 करोड़ 19 लाख 49 हजार रुपये आदि।

इसके अलावा खनिज साधन विभाग के लिए 1340 करोड़ 62 लाख 73 हजार रुपये, जनसंपर्क विभाग के लिए 443 करोड़ 87 लाख 20 हजार रुपये, पुनर्वास विभाग के लिए 2 करोड़ 75 लाख 40 हजार रुपये, परिवहन विभाग के लिए 151 करोड़ 8 लाख 20 हजार रुपये, ग्रामोद्योग विभाग के लिए 217 करोड़ 31 लाख 74 हजार रुपये, जिला परियोजनाओं से संबंधित व्यय के लिए 208 करोड़ 53 लाख रुपये, विमानन विभाग के लिए 200 करोड़ 48 लाख 36 हजार रुपये, इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के लिए 265 करोड़ 75 लाख 95 हजार रुपये की अनुदान मांगें पारित की गई।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सरकार की पिछले तीन महीने की उपलब्धियों को भी साझा किया। मुख्यमंत्री ने चर्चा का जवाब देते हुए मीसाबंदियों की सम्मान निधि फिर से प्रारंभ करने और कुरुद क्षेत्र में मिल्क रूट स्थापित करने एवं चिलिंग प्लांट लगाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी जी की गारंटी पर देश के बच्चे-बच्चे को भरोसा है। उन्होंने जो भी वायदे देश की जनता से किये, वो पूरा किया। मोदी जी ने जो गारंटी छत्तीसगढ़ की जनता को दी थी उसमें बहुत सी महत्वपूर्ण गारंटियों को हमने तीन महीनों में ही पूरा कर लिया है।

आगे कहा कि 18 लाख हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास देने के लिए हमने राज्यांश की व्यवस्था कर ली है। किसानों को दो साल की बकाया धान बोनस की राशि 3716 करोड़ रुपये हमने दी है। हम किसानों से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीदी की है। किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विण्टल के मान से धान की कीमत देंगे। किसानों को अभी समर्थन मूल्य का भुगतान किया गया है। शीघ्र ही उन्हें अंतर की राशि का भुगतान कर दिया जाएगा। इस साल लगभग 145 मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई है। युवाओं से वायदा किया था कि पीएससी भर्ती में हुई शिकायतों की जांच कराएंगे। इसकी जांच सीबीआई को सौंप दी गई है। मोदी जी की गारंटी के अनुरूप महतारी वंदन योजना के तहत विवाहित महिलाओं को सालाना राशि 12 हजार रुपये देने के लिए हम महिलाओं से आवेदन ले रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्रालय के कार्यों में चिप्स की मदद से डिजीटल सचिवालय परियोजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। सामान्य प्रशासन विभाग में 134 पदों का सृजन किया जाएगा। एन्टी करप्शन ब्यूरो कार्यालय को अधिक सशक्त बनाने के लिए दुर्ग संभाग में एन्टी करप्शन ब्यूरो के क्षेत्रीय कार्यालय की स्थापना की जाएगी। इसके लिए विभिन्न संवर्गों के 35 पदों, राज्य आर्थिक अपराध ब्यूरो में 06 नवीन पदों के सृजन का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री अधोसंरचना संधारण एवं उन्नयन प्राधिकरण के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण एवं आवागमन से संबंधित अधोसंरचनाओं के रख-रखाव एवं उन्नयन संबंधी कार्यों के लिए 50 करोड़ 1 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आबकारी विभाग के अंतर्गत जिला स्तरीय उड़नदस्ता के गठन के लिए 188 नवीन पद, आबकारी थानों और जांच चौकियों के गठन के लिए 325 नवीन पदों तथा लिपिकीय श्रेणी के 168 पदों का प्रावधान किया गया है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को निःशुल्क बिजली प्रदान करने के लिए 3 हजार 500 करोड़ रुपये और कृषि पंपों के ऊर्जीकरण के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, इससे 20 हजार कृषि पंपों का ऊर्जीकरण किया जाएगा। घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को बिजली बिल में रियायत देने के लिए वर्ष 2024-25 के बजट में 01 हजार 274 करोड़ रुपयेका प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि बीपीएल उपभोक्ताओं को दी जा रही रियायतों के लिए 539 करोड़ 60 लाख रुपये का प्रावधान रखा गया है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पशुपालन को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए 513.01 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। पशु संवर्धन एवं नस्ल सुधार कार्यक्रम के लिए भी 63 करोड़ 75 लाख 55 हजार रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए हितग्राही मूलक योजनाओं के लिए बजट में 180 करोड़ 04 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है, जो गतवर्ष की तुलना में 10.93 प्रतिशत अधिक है। मत्स्य पालन को बढ़ावा देने महासमुन्द, सक्ती, राजनांदगांव, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर तथा जशपुर जिले में नवीन मत्स्य बीज प्रक्षेत्र की स्थापना कर रहे हैं।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने खनिजों के परिवहन में पारदर्शिता के लिए खनिज परिवहन हेतु ऑनलाईन ई-ट्रांजिट पास जारी करने की व्यवस्था पुनः आरंभ कर दी है। वित्तीय वर्ष के अंत तक खनिजों के माध्यम से 13 हजार करोड़ रुपये का खनिज राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को मकान बनाने के लिए रेत उपलब्ध कराई जा रही है। लीज स्थलों पर छोटी गाड़ी से रेत ले जाने की सुविधा प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रिंट मीडिया के लिये वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट में प्रदर्शन विज्ञापन हेतु 110 करोड़ रुपये तथा वर्गीकृत विज्ञापन के लिए 22 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। विभाग के क्षेत्र प्रचार में 120 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान रखा गया है। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया मद से विज्ञापन के लिए 90 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। न्यू मीडिया के मद में 40 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान रखा गया है। प्रकाशन मद के तहत 20 करोड़ रूपये का प्रस्ताव रखा गया है। आदिवासी उपयोजना अंतर्गत 10 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने 25 स्थानों पर एएनपीआर कैमरा, महिलाओं की सुरक्षा हेतु निर्भया फ्रेमवर्क के तहत सार्वजनिक परिवहन की गाड़ियों मे व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस एवं इमरजेंसी बटन लगाने का निर्णय लिया गया है। परिवहन सुविधा केन्द्रों की संख्या 01 हजार तक करने की योजना है।

परिवहन विभाग द्वारा अंतर्राज्यीय परिवहन चेकपोस्ट एवं परिवहन उड़नदस्ता के द्वारा ओव्हरलोडिंग की जांच के लिए राज्य में कुल 42 वे-ब्रिज की स्थापना के लक्ष्य के विरूद्ध 19 की स्थापना की जा चुकी है। आरवीएसएफ के माध्यम से स्क्रैप कराने पर पुराने वाहन के बकाया टैक्स में 1 वर्ष की छूट प्रदान की जाएगी। छत्तीसगढ़ के समस्त परिवहन कार्यालयों में ऑटोमेटेड ड्रायविंग टेस्ट ट्रैक का निर्माण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामोद्योग को बढ़ावा देने के लिए तथा इसके माध्यम से अधिकाधिक लोगों को आजीविका गतिविधियों से जोड़ने के लिए हमने 266 करोड़ 13 लाख 65 हजार रुपये का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि बुनकरों, शिल्पियों की कला को बढ़ावा देने के लिए एवं इनके उत्पादों की मार्केटिंग के लिए 80 करोड़ रुपये की लागत से यूनिटी मॉल की स्थापना का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बलरामपुर हवाई पट्टी के लिए 1200 करोड़, जशपुर हवाई पट्टी के लिए 412 करोड़, कोरबा हवाई अड्डे विकास के लिए 250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। दिल्ली-जबलपुर विमान सेवा का विस्तार जगदलपुर तक करने के लिए 12 करोड़ का प्रावधान किया गया है। जगदलपुर एयरपोर्ट में खराब मौसम में लैण्डिंग का सफल परीक्षण किया जा चुका है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार सूचना प्रौद्योगिकी के अधिकतम प्रयोग के माध्यम से सुशासन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए हमने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना  प्रौद्योगिकी विभाग के बजट में इस बार 109 करोड़ रुपये की वृद्धि की है, जो कि लगभग 70 प्रतिशत की वृद्धि है। शासन की विभिन्न योजनाओं की मॉनिटरिंग के लिए हमने अटल मॉनिटरिंग पोर्टल तैयार किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम वाणी परियोजना केे प्रथम चरण में प्रदेश के 1 हजार ग्राम पंचायतों में वाई-फाई सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी।
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