Vishnudeo Sai Cabinet Expansion: छत्तीसगढ़ चुनाव 2023 के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रायगढ़ में प्रचार-प्रसार के समय पूर्व आईएएस और प्रदेश के बीजेपी महामंत्री ओपी चौधरी के लिए जनता से कहा था कि आप सिर्फ इन्हें चुनाव में जीता दें, बड़ा आदमी मैं बना दूंगा। चुनाव प्रचार के दौरान जनता से आह्वान करते हुए कहा था कि चौधरी को बड़ा आदमी बनाने का मेरा काम है, आप केवल इन्हें जीता दो। अपना आशीर्वाद दे दो, बाकि मेरे ऊपर छोड़ दो।
सीएम पद की दौड़ में भी थे शामिल
आईएएस ऑफिसर से बीजेपी नेता बने चौधरी ने छत्तीसगढ़ की वीआईपी सीट रायगढ़ पर जीत हासिल की है, उन्होंने कांग्रेस के प्रकाश शक्राजीत नायक को 64,000 से अधिक वोटों से हराया है। ओबीसी नेता चौधरी बीजेपी के मुख्यमंत्री पद की दौड़ में भी शामिल थे। उनका नाम सीएम पद की रेस में तेजी से चल रहा था। वो केंद्रीय गृहमंत्री शाह के करीबी माने जाते हैं। चौधरी वर्ष 2005 बैच के छत्तीसगढ़-कैडर के आईएएस ऑफिसर थे। शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के चलते यूपीए सरकार ने उन्हें साल 2011-12 के लिए लोक प्रशासन में उत्कृष्टता सम्मान में प्रधानमंत्री पुरस्कार से सम्मानित किया था। साल 2018 में रमन सिंह ने उन्हें बीजेपी में शामिल करवाया था।
23 की उम्र में बने थे आईएएस
चौधरी जब 8 साल के थे , उस समय उनके पिता का निधन हो गया था। ऐसे में मां ने ही उन्हें पढ़ाया-लिखाया और वे आज इस मुकाम पर हैं। उन्होंने 12वीं में ही आईएएस बनने का सपना देखा था। पीईटी में चयन होने के बावजूद उन्होंने उसे छोड़ दिया, क्योंकि वह कलेक्टर बनना चाहते थे। 23 की उम्र में आईएएस बने। साल 2005 बैच के छत्तीसगढ़ कैडर में आईएएस बने चौधरी ने साल 2018 में 37 की उम्र में आईएएस की नौकरी को अलविदा कह दी और बीजेपी का दामन थाम लिया। अब 42 की उम्र में मंत्री बनने जा रहे हैं।
सीएम समेत अधिकतम 13 मंत्री हो सकते हैं
बता दें कि संवैधानिक व्यवस्था के मुताबिक छत्तीसगढ़ में सीएम समेत अधिकतम 13 मंत्री हो सकते हैं। वर्तमान में साय कैबिनेट में तीन सदस्य हैं। इसमें मुख्यमंत्री साय और दो डिप्टी सीएम क्रमश: अरुण साव और विजय शर्मा शामिल हैं, जिन्होंने राज्य में बीजेपी का सरकार बनने के बाद 13 दिसंबर को शपथ ली थी।
3 दिसंबर को राज्य की सत्ता पर काबिज हुई थी बीजेपी
7 और 17 नवंबर को हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा कांग्रेस को हराकर राज्य की सत्ता में आई है। नतीजे 3 दिसंबर को घोषित किए गए थे। भाजपा ने 90 सीटों में से 54 सीटें जीतीं थी जबकि कांग्रेस 35 सीटों पर सिमट गई, जो साल 2018 विधानसभा चुनाव में जीती गई 68 सीटों से कम है।