सार
किसानों के समर्थन में कांग्रेस ने राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर चक्का जाम कर प्रदर्शन किया। पार्टी ने बाढ़ से बर्बाद फसलों का उचित मुआवजा, किसान क्रेडिट कार्ड के ऋण माफ करने और नुकसान का निष्पक्ष सर्वे कराने की मांग की।
किसानों के समर्थन में उतरी कांग्रेस ने राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर चक्का जाम कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी ने बाढ़ की वजह से तबाह हुई फसलों का उचित मुआवजा देने और किसान क्रेडिट कार्ड के ऋण माफ करने की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कार्यकर्ताओं ने प्रभावित किसान परिवारों की समस्याओं पर तुरंत ध्यान देने का दबाव बनाया।
निष्पक्ष सर्वे और उचित मुआवजे की मांग
कांग्रेस नेताओं ने बस्तर में प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर बाढ़ से हुए नुकसान का निष्पक्ष और पारदर्शी सर्वेक्षण कराने का आग्रह किया। ज्ञापन में बताया गया कि वर्तमान में किसानों को केवल तीन हजार से आठ हजार रुपये प्रति एकड़ की सहायता राशि देने की बात कही जा रही है। जोताई, बीज, खाद और मजदूरी की लगातार बढ़ती लागत को देखते हुए यह मदद बेहद अपर्याप्त है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि केवल घोषणाएं करना काफी नहीं है, बल्कि फसल, मकान, मवेशियों और घरेलू सामान की क्षति का वास्तविक आकलन होना चाहिए। साथ ही, प्रभावितों को निश्चित समयसीमा में राहत देने और मुआवजा वितरण में प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की मांग रखी।
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अल्टीमेटम के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने याद दिलाया कि 15 अक्तूबर को भी कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन भेजकर शासन को समस्याओं से अवगत कराया गया था। उस समय मांगों पर ध्यान देने के लिए 10 दिन का अल्टीमेटम दिया गया था, लेकिन लगभग 20 दिन बीत जाने के बाद भी कोई उचित कदम या घोषणा नहीं हुई। इसी उपेक्षा के विरोध में कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर चक्का जाम किया।