रायपुर में एक करोड़ रुपये की जमीन की रकम के विवाद में दामाद हेमराज निषाद ने ससुर मोहन निषाद की जीआई तार से गला घोंटकर हत्या कर दी। शव नदी में फेंकने जाते समय पुलिस पहुंची। तीन आरोपी गिरफ्तार हुए।
धरसीवां पुलिस ने एक करोड़ रुपये की जमीन की रकम के विवाद में अपने ससुर मोहन निषाद की हत्या करने वाले मुख्य आरोपी दामाद हेमराज निषाद समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि हेमराज ने शराब के नशे में विवाद के बाद जीआई तार से गला घोंटकर ससुर की हत्या कर दी। इसके बाद चाचा रोहित निषाद और दोस्त संजय निषाद की मदद से शव को चादर में लपेटकर टाटा मैजिक में रखा और खारुन नदी में फेंकने के लिए ले जाने लगा। रास्ते में पुलिस की गश्ती टीम को देखकर आरोपी वाहन छोड़कर फरार हो गए। बाद में पुलिस के बढ़ते दबाव के चलते मुख्य आरोपी हेमराज ने आत्मसमर्पण कर दिया।
वाहन पर लिखे मोबाइल नंबर के आधार पर पुलिस की जांच रावाभाठा निवासी संजय उर्फ मोरध्वज चौहान तक पहुंची। जांच में सामने आया कि वारदात के बाद आरोपी बस से बिलासपुर पहुंचे और रतनपुर में छिप गए थे।
पुलिस की लगातार दबिश और बढ़ते दबाव के बाद मुख्य आरोपी हेमराज ने आत्मसमर्पण कर दिया। इसके बाद पुलिस ने उसके चाचा रोहित निषाद और दोस्त संजय निषाद को भी गिरफ्तार कर लिया। चूंकि मूल वारदात उरला थाना क्षेत्र में हुई थी, इसलिए धरसीवां पुलिस ने तीनों आरोपियों को उरला पुलिस के हवाले कर दिया है।