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सीजी: एक करोड़ की जमीन के विवाद में दामाद ने ससुर को मार डाला, शव नदी में फेंकने जा रहा था; पुलिस ने दबोचा

Mon, 07 Sep 2026 05:19 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर

सार

रायपुर में एक करोड़ रुपये की जमीन की रकम के विवाद में दामाद हेमराज निषाद ने ससुर मोहन निषाद की जीआई तार से गला घोंटकर हत्या कर दी। शव नदी में फेंकने जाते समय पुलिस पहुंची। तीन आरोपी गिरफ्तार हुए।

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अपराध - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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धरसीवां पुलिस ने एक करोड़ रुपये की जमीन की रकम के विवाद में अपने ससुर मोहन निषाद की हत्या करने वाले मुख्य आरोपी दामाद हेमराज निषाद समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि हेमराज ने शराब के नशे में विवाद के बाद जीआई तार से गला घोंटकर ससुर की हत्या कर दी। इसके बाद चाचा रोहित निषाद और दोस्त संजय निषाद की मदद से शव को चादर में लपेटकर टाटा मैजिक में रखा और खारुन नदी में फेंकने के लिए ले जाने लगा। रास्ते में पुलिस की गश्ती टीम को देखकर आरोपी वाहन छोड़कर फरार हो गए। बाद में पुलिस के बढ़ते दबाव के चलते मुख्य आरोपी हेमराज ने आत्मसमर्पण कर दिया।

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जमीन की रकम में हिस्सेदारी को लेकर था विवाद
मृतक पठारीडीह निवासी मोहन निषाद ने हाल ही में करीब एक करोड़ रुपये में जमीन बेची थी। इस रकम में हिस्सेदारी और रुपये की मांग को लेकर उसका बड़े दामाद हेमराज निषाद से विवाद चल रहा था। करीब एक महीने पहले भी दोनों के बीच झगड़ा हुआ था। तीन सितंबर की रात मोहन ने हेमराज को शराब पार्टी के लिए बुलाया था। दोनों ने साथ में शराब पी। इसी दौरान जमीन बेचने से मिली रकम को लेकर फिर विवाद शुरू हो गया। कहासुनी बढ़ने पर हेमराज ने गुस्से में जीआई तार से मोहन का गला घोंट दिया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

चाचा और दोस्त की मदद से शव ठिकाने लगाने की कोशिश
हत्या के बाद हेमराज ने साक्ष्य मिटाने के लिए अपने चाचा रोहित निषाद और दोस्त संजय निषाद को बुलाया। तीनों ने शव को चादर में लपेटकर भाड़े की टाटा मैजिक में रखा। इसके बाद शव को खारुन नदी में फेंकने के लिए रवाना हुए। चार सितंबर की रात करीब 1:15 बजे धरसीवां पुलिस की गश्ती टीम परसतराई इलाके में नहर पुलिया के पास तैनात थी। इसी दौरान पुलिस ने सामने से आ रही टाटा मैजिक को रुकने का इशारा किया। पुलिस को देखकर चालक ने वाहन पीछे किया और तेज रफ्तार में परसतराई बस्ती की ओर भागने लगा।
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खेतों में भाग निकले आरोपी
पुलिस ने गश्ती वाहन से पीछा किया। आरोपियों ने शीतला मंदिर के पास टाटा मैजिक खड़ी की और अंधेरे का फायदा उठाकर खेतों की ओर भाग निकले। पुलिस ने वाहन की तलाशी ली तो उसमें चादर में बंधा शव बरामद हुआ।

वाहन पर लिखे मोबाइल नंबर के आधार पर पुलिस की जांच रावाभाठा निवासी संजय उर्फ मोरध्वज चौहान तक पहुंची। जांच में सामने आया कि वारदात के बाद आरोपी बस से बिलासपुर पहुंचे और रतनपुर में छिप गए थे।

पुलिस की लगातार दबिश और बढ़ते दबाव के बाद मुख्य आरोपी हेमराज ने आत्मसमर्पण कर दिया। इसके बाद पुलिस ने उसके चाचा रोहित निषाद और दोस्त संजय निषाद को भी गिरफ्तार कर लिया। चूंकि मूल वारदात उरला थाना क्षेत्र में हुई थी, इसलिए धरसीवां पुलिस ने तीनों आरोपियों को उरला पुलिस के हवाले कर दिया है।

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