राज्यपाल ने चीफ जस्टिस को शपथ दिलाई।
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छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के 16वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में न्यायमूर्ति कृष्णराम महापात्र ने पद की शपथ ली। राजधानी रायपुर स्थित लोक भवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल रमेन डेका ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। जस्टिस महापात्र के पदभार संभालने के साथ ही उच्च न्यायालय को नया स्थायी मुख्य न्यायाधीश मिल गया है।
शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा मौजूद रहे। मुख्य सचिव विकास शील सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी समारोह में उपस्थित थे। इससे पहले न्यायमूर्ति संजय कुमार अग्रवाल उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
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जस्टिस कृष्णराम महापात्र ने 7 फरवरी 1988 को उड़ीसा राज्य बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में पंजीकरण कराया था। उनके पिता शरतचंद्र महापात्र भी न्यायाधीश रहे हैं। जस्टिस महापात्र को सिविल, सेवा, आपराधिक और संवैधानिक कानून सहित विभिन्न कानूनी क्षेत्रों में 26 वर्षों का अनुभव है। उन्हें अभिभावक एवं आश्रित अधिनियम, हिंदू अल्पसंख्यक एवं संरक्षकता अधिनियम, हिंदू दत्तक ग्रहण एवं भरण-पोषण अधिनियम तथा किशोर न्याय (देखभाल एवं संरक्षण) अधिनियम से जुड़े मामलों का भी अनुभव है।
अधिवक्ता के रूप में जस्टिस महापात्र ने राज्य सरकार के साथ-साथ उड़ीसा लोक सेवा आयोग के लिए अतिरिक्त स्थायी वकील के रूप में कार्य किया। इसके बाद 17 अप्रैल 2015 को उन्हें उड़ीसा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया।