Raipur News: संसद में वक्फ बोर्ड संशोधन बिल पास किये जाने पर बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा ने रायपुर के नगर घड़ी चौक में आतिशबाजी की। एक दूसरे को बधाई देते हुए लोगों को मिठाई बांटी। समाज ने गरीब मुस्लिमों के हित में उठाया गया एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम बताया। मोर्चा की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू को बधाई दी। इस मौके पर मोर्चा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने 'न दूरी है न खाई है पीएम मोदी हमारा भाई है" के गगनभेदी नारे लगाये।
भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के पदाधिकारियों ने बताया कि आज जो वक्फ़ संशोधन बिल लाया गया है, उससे घोटालों पर कड़ी रोक लगेगी और जो अवैध कब्जाधारी हैं, उन पर लगाम लगेगी। ये अवैध कब्जाधारी अरबों रुपए की संपत्तियों पर सालों से अतिक्रमण करके बैठे हुए हैं, उन पर नकेल कसने के लिए कलेक्टर को साथ में शामिल किया गया है, ताकि कलेक्टर की ओर से राजस्व मामलों के निपटारे जल्दी हो और राजस्व रिकॉर्ड सही कर उनका अतिक्रमण हटाया जा सके। मोर्चा पदाधिकारियों ने कहा कि जब वह अतिक्रमण हटेंगे तो वहां पर अल्पसंख्यकों के शैक्षणिक, आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए वहां स्कूल, अस्पताल बनाए जाएंगे। इन अतिक्रमणों के हटने से वक्फ सम्पत्तियों से सरकारी खजाने में 12 हजार करोड़ रुपए की आवक होगी जो अभी महज 162 करोड़ रुपए है। इस वक्फ विधेयक में पहली बार दो महिला सदस्यों की नियुक्ति का प्रावधान करके नारी सशक्तीकरण की दिशा में भी केंद्र सरकार ने क्रांतिकारी कार्य किया है।
भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के पदाधिकारियों ने बताया कि वक्फ संशोधन विधेयक के जरिए बोर्ड के न्यायाधिकरण की शक्तियों में वृद्धि की जा रही है। वक्फ़ संपत्तियों का डिजिटलिकरण किया जा रहा है ताकि डॉक्यूमेंट मजबूत हो। इसी प्रकार प्रतिवर्ष ऑडिट का प्रावधान किया गया है। बोर्ड में मुख्य कार्यपालन अधिकारी की भी नियुक्ति की जा रही है। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के इस कार्यक्रम में मोर्चा के प्रदेश महामंत्री मखमूर इकबाल खान, प्रदेश प्रवक्ता तौकीर रजा, प्रदेश उपाध्यक्ष असगर अली, रजिया खान, शेख निजाम, गुलाम गौस खान, आरिफ नियाजी, इजराइल खान सहित पदाधिकारी व कार्यकर्ता भारी संख्या में उपस्थित रहे।
अधिकारों की रक्षा में ऐतिहासिक कदम; विकास मरकाम
भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष विकास मरकाम ने केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा में पारित वक्फ संशोधन विधेयक, 2024 की तारीफ करते हुए कहा यह विधेयक आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों और संस्कृति सुदृढ़ करने की दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय है। यह विधेयक 5वीं और 6वीं अनुसूची क्षेत्रों में आदिवासी समुदायों के भूमि अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करता है यह आदिवासियों के परंपरा में वक्फ बोर्ड के अतिक्रमण से सुरक्षा देकर संस्कृति को अक्षुण्ण बनाए रखेगा।
विधेयक के मुख्य प्रावधानों में राज्यपाल और स्वायत्त परिषदों की स्वीकृति के बिना किसी भी भूमि को वक्फ संपत्ति घोषित न किया जा सकने का प्रावधान शामिल है। इसके अलावा, विधेयक में धारा 40 को समाप्त कर दिया गया है, जिससे अब कोई भी भूमि केवल घोषणा के आधार पर वक्फ संपत्ति नहीं बन सकती। यह कदम आदिवासी और पारंपरिक भूमि अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में एक क्रांतिकारी सुधार है। तथा वक्फ संपत्तियों से जुड़े विवादों को पारदर्शी और न्यायसंगत तरीके से हल करने के लिए एक मजबूत कानूनी ढांचा प्रदान करता है। भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री विकास मरकाम ने इस विधेयक को "आदिवासी स्वाभिमान और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करने वाला" बताते हुए मोदी सरकार की सराहना की। उन्होंने कहा "यह विधेयक 5वीं और 6वीं अनुसूची क्षेत्रों में रहने वाले हमारे जनजातीय समुदायों को यह विश्वास दिलाता है कि उनकी पारंपरिक भूमि पर कोई अन्याय नहीं होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और गृह मंत्री अमित शाह जी की सरकार ने आदिवासी समुदायों की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए जो प्रतिबद्धता दिखाई है, वह अतुलनीय है।"
उन्होंने कहा इस विधेयक के पारित होने से राज्यों के राज्यपालों, स्वायत्त जिला परिषदों और जनजातीय सलाहकार परिषदों को अधिक अधिकार मिलेंगे, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि कोई भी बाहरी इकाई आदिवासी भूमि पर अवैध दावा न कर सके। प्रदेश का आदिवासी समुदाय इस ऐतिहासिक कदम के लिए भारत सरकार का हृदय से आभार व्यक्त करती है और आशा करती है कि यह कानून आदिवासी समुदायों के भूमि अधिकारों और सांस्कृतिक परंपराओं की रक्षा में मील का पत्थर साबित होगा।