सचिन पायलट ने सभा के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि 'सब जानते हैं कि यहां नियंत्रण रायपुर से नहीं दिल्ली से है। लगातार यहां पर प्रदेश स्तर की जो संपत्ति है, उसे चंद हाथों में देने की साजिश रची जा रही है। खासकर किसान, आदिवासी, पिछड़ा वर्ग के लोगों के साथ अत्याचार हो रहा है।'
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला मुख्यालय में मंगलवार को कांग्रेस के हस्ताक्षर अभियान 'वोट चोर गद्दी छोड़' की शुरुआत की गई। इस दौरान शहर के प्रमुख मार्गो से होते हुए सचिन पायलट का काफिला कांग्रेस कार्यालय के पास पहुंचा, जहां उन्होंने सभा को संबोधित किया। इसके बाद उन्होंने पत्रकारों से चर्चा की।
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सचिन पायलट ने सभा के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि 'सब जानते हैं कि यहां नियंत्रण रायपुर से नहीं दिल्ली से है। लगातार यहां पर प्रदेश स्तर की जो संपत्ति है, उसे चंद हाथों में देने की साजिश रची जा रही है। खासकर किसान, आदिवासी, पिछड़ा वर्ग के लोगों के साथ अत्याचार हो रहा है। सबसे बड़ा दुख इस बात का है कि पिछले 11 वर्षों से केन्द्र में भाजपा की सरकार है, लेकिन निर्वाचन आयोग की जो निष्पक्षता होनी चाहिए, वह नहीं है। राहुल गांधी ने वोट चोरी के प्रमाण दिये उसके पश्चात भी कोई कार्रवाई नहीं हुई, कोई जांच नहीं हुई। उन्होंने कहा कि हम लोगों ने वोट चोरी को रोकने एक अभियान चलाया है और आज रायगढ़ में इसकी शानदार शुरुआत हुई है।'
उन्होंने आगे कहा, 'हजारों की संख्या में आज यहां युवा निकला है। वह समझ रहे हैं कि हमारे वोट के अधिकार को छिनने की नापाक कोशिश हो रही है, उसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। संविधान में सबसे बड़ा मौलिक अधिकार हमारा वोट डालने का है और वह भी छिन जाए तो लोगों की विश्वसनीयता खत्म हो जाएगी। इसलिए आज यह शुरुआत की गई है। वोट चोरी को रोकने के लिए पूरे प्रदेश में हम लोग हस्ताक्षर अभियान चलायेंगे और जन संपर्क यात्रा निकाली जाएगी।' सचिन पायलट ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में हम लोग मजबूती के साथ काम कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की जड़े बहुत मजबूत हैं। जनता के दबाव में उनको झुकना पड़ेगा और निर्वाचन आयोग को पारदर्शिता से काम करना पड़ेगा।