सिटी कोतवाली पुलिस को मुखबिर से चार नाबालिगों की चोरी में संलिप्तता की सूचना मिली। सूचना के आधार पर चार किशोर बालकों को तलब किया गया, जिन्होंने पूछताछ में चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया।
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छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला मुख्यालय की एक कॉलोनी में हुई चोरी का खुलासा करते हुए पुलिस ने चार नाबालिग, एक महिला और पुरुष को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से हजारों रुपये के अलावा मोबाइल व साइकिल बरामद की है। मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है।
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मिली जानकारी के मुताबिक, कोतवाली थाना क्षेत्र के गजानंदपुरम कॉलोनी में 18 अप्रैल को चोरी हुई थी। घटना के संबंध में मकान मालिक मनोज कुमार ओझा (उम्र 45 साल) ने कोतवाली थाना में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि सुबह 10:30 बजे वह अपने घर के गेट में ताला लगाकर चांदनी चौक रायगढ़ स्थित ऑफिस गया हुआ था। शाम लगभग पांच बजे अपने घर वापस आया तो देखा घर का मुख्य दरवाजा टूटा हुआ है। अंदर कमरे की दराज का समान बिखरा पड़ा था। अज्ञात चोरों ने दराज में रखे 2 लाख 50 हजार तथा एक एक सोने का चेन, मंगलसूत्र जुमला गायब था। चोरी की रिपोर्ट के बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 331(3), 305) बीएनएस कायम कर जांच में जुट गई।
महिला और पुरुष ने उकसाया
सिटी कोतवाली पुलिस को मुखबिर से चार नाबालिगों की चोरी में संलिप्तता की सूचना मिली। सूचना के आधार पर चार किशोर बालकों को तलब किया गया, जिन्होंने पूछताछ में चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। इन बालकों को चोरी करने के लिए सूरज अग्रवाल नामक युवक और कुसुम एक्का नामक महिला द्वारा उकसाया गया था, वे लड़कों से कहा करते थे कि नाबालिगों पर कानूनी सख्ती कम होती है।
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सूरज और कुसुम को दिए पैसे
पुलिस हिरासत में आए चारों नाबालिगों ने बताया कि चोरी की रकम में से उन्होंने 45 हजार सूरज अग्रवाल को और 42 हजार रुपये कुसुम एक्का को दिए और शेष रकम को उन्होंने खानेपीने में खर्च करने की बात कही।