छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला मुख्यालय के पोल्ट्री फार्म की मुर्गियों में बर्ड फ्लू की पुष्टि होनें के बाद देर रात जिला कलेक्टर के निर्देश पर प्रशासनिक टीम ने शासकीय पोल्ट्री फार्म की मुर्गियों, चूजों के अलावा हजार अण्डो को नष्ट करने के बाद रायगढ़ शहर व आसपास के दस किलोमीटर क्षेत्र में मुर्गियों व अंडो की ब्रिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। साथ ही साथ पशु पालन विभाग, नगर निगम व स्वास्थ्य विभाग की टीम को पोल्ट्री फार्म के एक किलोमीटर दायरे में सघन जांच अभियान भी चलाना शुरू कर दिया है। बर्ड फ्लू की पुष्टि होनें के बाद राजधानी रायपुर से भी चार सदस्यीय टीम रायगढ़ पहुंच गई है।
मिली जानकारी के मुताबिक चक्रधर नगर स्थित पोल्ट्री फार्म में कुछ दिन पहले ही कुछ मुर्गियों की मौत के बाद पशु पालन ने उसके सैंपल 28 जनवरी को लाइब्रेरी भेजे थे और इस सैंपल की जांच के बाद फारेसिक लैब की टीम ने मुर्गी की मौत में बर्ड फ्लू के कारण होना पाया गया जिसके चलते तत्काल जिला कलेक्टर ने देर रात बैठक लेते हुए चक्रधर नगर स्थित पोल्ट्री फार्म की समस्त मुर्गियों, चीजों तथा अंडो को नष्ट करने के आदेश दिये। साथ ही साथ भारत सरकार के एक्शन प्लान फार प्रिवेंशन कंट्रोल एण्ड कंटेनमेंट आफ एवियन इन्फ्लूएंजा रिवाइज्ड (2021) के तहत फोल्ट्री फार्म का एक किलोमीटर का क्षेत्र इंफेक्टेड जोन और 10 किलोमीटर दायरे में मुर्गी और अंडे की बिक्री पर प्रतिबंध कर दिया गया है।
बर्ड फ्लू की पुष्टि होनें के बाद रायपुर से आये अधिकारियों की टीम ने इसके वायरल को खत्म करने के लिये जांच अभियान शुरू कर दिया है। साथ ही साथ आवश्यक निर्देश के तहत अंडे एवं मुर्गियों का सेवन भी नही करने की सलाह दी है। अधिकारी ने बताया कि यह वायरल आम आदमी के लिये उतना खतरनाक नही है फिर भी बचाव के लिये सभी उपाये करने चाहिए।
नगर निगम, पशु चिकित्सा विभाग और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पूरी रात संयुक्त अभियान चलाकर संक्रामक रोग प्रोटोकॉल के तहत पोल्ट्री फार्म की सभी 05 हजार मुर्गी, 12 हजार चूजे, 17 हजार अंडे और कुक्कुट आहार को नष्ट किया। इसके लिए मुर्गों और चूजों को मारकर जमीन में दफनाया गया। इसके लिए पोल्ट्री फार्म परिसर में पूरे सुरक्षात्मक उपायों के साथ जेसीबी से गड्ढा खोदकर उसमें नमक और चुने की लेयर बिछा कर मुर्गियों और चूजों को दफनाया गया और ऊपर से फिर नमक और चुने की लेयर डाली गई। इसी प्रकार अंडों को भी नष्ट किया गया। जिससे संक्रमण न फैले। इसके साथ ही परिसर को संक्रमण मुक्त करने डिसइनफेक्शन किया जा रहा है।
राजधानी रायपुर से आये राज्य पशुरोग अनुसंधान के डाॅ. अनिल कुमार तपसी ने बताया कि मुख्य इंफेक्शन जो मुर्गियों में आया है उसकी पुष्टि हुई और उसे हमने रात में ही नष्ट कर दिया है। उसके बचे दाना, पुआल को नष्ट करने के अलावा 01 किलोमीटर के आसपास के मुर्गियों को नष्ट करने के बाद सर्वेलेंस का काम करना है। इस स्थित में मांस का सेवन बहुत कम करें और अगर करना ही है तो अच्छे से उबाल कर करें।
रायगढ़ कलेक्टर कार्तिकेय गोयल ने बताया कि कल रात भोपाल के लैब से रिपोर्ट आने के बाद रात 01 बजे से सुबह 06 तक मुर्गियों के अलावा अंडो और चूजो को नष्ट किया गया। चक्रधर नगर में स्थित शासकीय पोल्ट्री फार्म को सील कर दिया गया है। इस क्षेत्र से लेकर एक किलोमीटर तक सारे पोल्ट्री पदार्थो को नष्ट कर दिया गया है। निजी लोगों का पोल्ट्री पदार्थ नष्ट किया जाता है उसमें उनको मुआवजा मिलता है। उसके रिकार्ड रखे गए है एक दो सप्ताह में उन्हें मुआवजा मिल जाएगा।
10 किलोमीटर का दायरा सर्विलांस जोन घोषित
पक्षियों का उच्च पैंथोपनिक एवियन इन्फ्लूएंजा रोग पशुओं में संक्रामक और सांसर्गिक रोगो का निवारण और नियंत्रण अधिनियम 2009 अंतर्गत अनुसूचित रोगष् है। जिसके रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु पशुपालन एवं डेयरी विभाग, भारत सरकार के एक्शन प्लान फॉर प्रिवेंशन, कंट्रोल एंड कंटेनमेंट ऑफ एवियन इन्फ्लूएंजा (रिवाइज्ड 2021) के अनुसार कार्यवाही की जानी होती है। परिपालन में शासकीय कुक्कुट पालन प्रक्षेत्र रायगढ़ से एक किलोमीटर रेडियस क्षेत्र को श्इन्फेक्टेड जोनश् तथा 1 से 10 किलोमीटर क्षेत्र में श्सर्विलांस जोनश् घोषित किया गया है।