पीड़ित मानिक दास ने बताया कि किसी तरह की कार्रवाई नहीं होते देख आज जब वे एसपी कार्यालय जा रहे थे, इसी बीच सिटी कोतवाली की पुलिस उन्हें थाने लाकर कार्रवाई करने की बात कह रही है। पीड़ित ने बताया कि जिस ऑटो को अज्ञात आरोपियों ने आग के हवाले किया वह उसके परिवार के पालन पोषण का एकमात्र सहारा था।
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छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पिछले दिनों एक गरीब ऑटो चालक के ऑटो को अज्ञात आरोपियों के द्वारा आग के हवाले कर देने के बाद पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं होने पर दुखी होकर आज पीड़ित अपनी पत्नी और तीन नाबालिग बच्चों के साथ हाथों में तख्ती लेकर न्याय की गुहार लगाते हुए एसपी कार्यालय पहुंचा।
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मिली जानकारी के मुताबिक, 27 अप्रैल की रात इंदिरा नगर निवासी ऑटो चालक मानिक दास महंत के ई-रिक्शा में अज्ञात शख्स ने आग लगा दी। इस मामले की शिकायत अगले ही दिन 28 अप्रैल को सिटी कोतवाली थाने में करने के बावजूद आज तक न तो पीड़ित शख्स को पावती दी गई और ना ही ऑटो में आग लगाने वाले आरोपियों को पकड़ने को लेकर किसी प्रकार की पहल की जा रही है।
पीड़ित परिवार जिसमें तीन नाबालिग बच्चे भी शामिल हैं वो तख्ती लेकर गुहार लगाते हुए एसपी कार्यालय पहुंचे। पीड़ित परिवार की तख्ती में लिखा था एसपी साहब मेरे परिवार का गोली मरवा दो या फिर हमे न्याय दिलवाएं। पीड़ित ऑटो चालक ने बताया कि 27 अप्रैल की रात दो बजे के आसपास अज्ञात शख्स ने उसके ऑटो को आग के हवाले कर दिया, जिससे ऑटो पूरी तरह जलकर खाक हो गया। इस घटना को एक सप्ताह से भी अधिक का समय बीत जाने के बावजूद सिटी कोतवाली थाने का कोई भी स्टाफ जांच के लिये मौके पर नहीं पहुंचा है।
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पीड़ित मानिक दास ने बताया कि किसी तरह की कार्रवाई नहीं होते देख आज जब वे एसपी कार्यालय जा रहे थे, इसी बीच सिटी कोतवाली की पुलिस उन्हें थाने लाकर कार्रवाई करने की बात कह रही है। पीड़ित ने बताया कि जिस ऑटो को अज्ञात आरोपियों ने आग के हवाले किया वह उसके परिवार के पालन पोषण का एकमात्र सहारा था। उसने फाइनेंस में ऑटो को खरीदा था। पीड़ित ने बताया कि इस घटना के बाद उन्हें खाने पीने के अलावा किस्त पटाने सहित कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।