छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में चुनाव नजदीक आते ही नगर पंचायत में अविश्वास प्रस्ताव की राजनीति शुरू हो गई है। भाजपा समर्थित घरघोड़ नगर पंचायत अध्यक्ष विजय शिश सिन्हा को हटाने की मांग को लेकर 10 पार्षदों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। इसमें आठ कांग्रेस विधायकों के साथ ही एक निर्दलीय और एक भाजपा विधायक शामिल हैं। इससे पहले धर्मजयगढ़ में भाजपा की जद्दोजहद के चलते कुर्सी कांग्रेस के हाथ से चली गई थी।
दरअसल, विवाद की शुरुआत धर्मजयगढ़ नगर पंचायत से हो गई थी। यहां भाजपा के चलते कांग्रेस को मिली हार ने खूब किरकिरी कराई थी। इससे पहले घरघोड़ा में भी ऐसा ही हुआ था। इसे देखते हुए इस बार कांग्रेस पूरी ताकत से लग गई है। इसमें कांग्रेस नगर सरकार बनाने के लिए विधायक लालजीत सिह राठिया भी जुटे हुए हैं। पार्षदों का आरोप है नगर पंचायत घरघोड़ा अध्यक्ष ने नियम के तहत कभी भी परिषद की बैठक आयोजित नहीं की। नगर विकास के लिए किसी भी प्रस्ताव पर अमल नहीं किया।
मनमानी और भ्रष्टाचार का लगाया आरोप
पार्षदों की ओर से सौंपे गए पत्र में साफ़-सफ़ाई, पेयजल व विद्युत व्यवस्था पूरी तरह चरमराने की बात कही गई है। वहीं नगर के कुछ दुकानदारों से कार्रवाई के नाम पर लाखों रुपये वसूला का भी आरोप लगाया है। टैक्स भी कई गुना बढ़ाने और भ्रष्टाचार का भी आरोप लगाया है। शिकायत में यह भी बताया गया है कि आमजनता के हित के लिए कोई भी कार्यों को नहीं किया जा रहा है। आमजनता में भारी रोष व्याप्त है। इसके चलते सभी पार्षद अविश्वास प्रस्ताव लाना चाहते हैं।