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100 दिन भी नहीं काम अब 150 पर विचार

Tue, 08 Jan 2013 12:32 PM IST
रायपुर/इंटरनेट डेस्क
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मनरेगा के तहत मजदूरों को जहां 100 दिनों का रोजगार नहीं मिल पा रहा है वहीं उन्हें 150 दिनों का रोजगार देने की योजना बनाई जा रही है। राजनांदगांव जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी (मनरेगा) योजना का स्थिति बेहद खराब है।
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मनरेगा के मामले में जिले में हाल यह है कि साल 2011-12 में ढाई लाख परिवारों में से केवल 7134 परिवारों को ही 100 दिनों का रोजगार मिल पाया है। जबकि योजना में करोड़ों रुपये खर्च किये जा चुके हैं। ऐसे में 150 दिनों के रोजगार मिलने पर सवाल उठने स्वाभाविक हैं।

जिले में सबसे अधिक काम छुईखदान ब्लॉक 3701 मजदूरों को काम मिला है और सबसे कम डोंगरगांव ब्लॉक में 190 मजदूरों को पूर्ण रोजगार मिल सका है। जिले के 1 लाख 80 हजार परिवारों ने मनरेगा में काम की मांग की थी। ऐसे में तीन से चार प्रतिशत मजदूरों को ही रोजगार मिल पाया है।
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इसके अलावा छुईखदान, चिचोला और डोंगरगढ़ ब्लॉक से आई शिकायतों से यह बात सामने आई है कि मजदूरों को पूर्ण रोजगार न मिलने का कारण मनरेगा के कामों में मशीनों और ठेका पद्घति का उपयोग करना है। लेकिन जिला पंचायत के अधिकारी और जनप्रतिनिधि जांच का हवाला देकर मामले को टाल देते हैं।
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