फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीजी: महासमुंद में भट्ठा सरदार जगत गुप्ता के घर पर पुलिस की दबिश, श्रमिक दलाली पर बड़ा एक्शन

Thu, 24 Sep 2026 08:54 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर

सार

श्रमिकों को दूसरे राज्यों के ईंट भट्ठों पर भेजने से जुड़े मामले में चर्चित जगत कुमार गुप्ता उर्फ अजगर के ग्राम बाम्हनडीह स्थित घर पर पुलिस टीम ने दबिश दी है। खरियाररोड में श्रमिक दलाली से जुड़ी लता कुमार के आवास पर भी पुलिस की एक टीम पहुंची।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

महासमुंद में श्रमिकों को दूसरे राज्यों के ईंट भट्ठों पर भेजने से जुड़े मामले में चर्चित जगत कुमार गुप्ता उर्फ अजगर के ग्राम बाम्हनडीह स्थित घर पर पुलिस टीम ने दबिश दी है। खरियाररोड में श्रमिक दलाली से जुड़ी लता कुमार के आवास पर भी पुलिस की एक टीम पहुंची। क्षेत्र में 'भट्ठा सरदार' के नाम से पहचाने जाने वाले जगत गुप्ता के ठिकाने पर बसना पुलिस की इस कार्रवाई के बाद से जिले में अवैध तरीके से पलायन कराने वाले नेटवर्क को लेकर हलचल तेज हो गई है।
विज्ञापन


पिछले साल हुई थी गिरफ्तारी
स्थानीय लोगों के अनुसार पुलिस टीम गाड़ियों से बाम्हनडीह पहुंची और मकान की तलाशी ली। जगत गुप्ता के खिलाफ दूसरे प्रदेशों के भट्ठों में काम कराने के लिए श्रमिकों पर दबाव बनाने और धमकियां देने की शिकायतें मिलती रही हैं। पिछले वर्ष बनपचरी निवासी 40 वर्षीय श्रमिक शत्रुघन खड़िया की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने जांच के बाद भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 के तहत मामला दर्ज कर जगत गुप्ता को गिरफ्तार किया था। मृतक ने आत्महत्या से पहले पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आवेदन देकर आरोप लगाया था कि भट्ठा सरदार उस पर बाहर जाने के लिए लगातार दबाव बना रहा है और जान से मारने की धमकी दे रहा है।

जिले में मौसमी पलायन का गणित
जिले में खेती-किसानी का काम खत्म होते ही बड़ी संख्या में मजदूर रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों का रुख करते हैं। श्रम विभाग के आंकड़ों के अनुसार केवल 927 श्रमिकों का पलायन पंजीकृत है, जबकि भवन एवं अन्य सन्निर्माण श्रेणी में 4,531 प्रवासी श्रमिक दर्ज हैं। हालांकि वास्तविक स्थिति इससे काफी अलग है, क्योंकि बिना किसी औपचारिक पंजीयन के हजारों मजदूर ठेकेदारों के माध्यम से ईंट भट्ठों, कृषि और निर्माण कार्यों में चले जाते हैं। पंजीकरण नहीं होने के कारण पलायन करने वाले मजदूरों की वास्तविक संख्या और सुरक्षा पर लगातार सवाल उठते रहे हैं।
विज्ञापन


जांच और पुलिस की चुप्पी
बाम्हनडीह और खरियाररोड में हुई इन कार्रवाइयों को लेकर पुलिस प्रशासन ने गुरुवार शाम तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। अधिकारी जांच और कानूनी प्रक्रिया के बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट करने से बच रहे हैं। पुलिस का आधिकारिक पक्ष आने के बाद ही कार्रवाई के उद्देश्य, बरामदगी और श्रमिक दलाली नेटवर्क के आपसी संपर्कों का खुलासा हो सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें