छत्तीसगढ़ में नोटबंदी के बाद सीएसी( सामान्य सेवा केन्द्र) के माध्यम से लोग बगैर एटीएम के पैसे निकाल रहे हैं। पूरे प्रदेश में अब तक 24 सीएससी शुरू किए गए हैं। नगरीय प्रशासन मंत्री अमर अग्रवाल ने बताया कि सीएससी के माध्यम से ग्रामीणों के आधार कार्ड को बैंक खाते से लिंक कर फिंगर प्रिंट और हस्ताक्षर के माध्यम से उन्हें नकद राशि दी जा रही है।
उन्होंने मनरेगा का उल्लेख करते हुए कहा कि कुछ दिनों पहले केंद्र सरकार के आदेश पर मजदूरों का भुगतान इसी पद्धति से किया जाता था, फिर बैंक खाते में उन्हें भुगतान देना शुरू हुआ। सीएससी दूरस्थ ग्रामीण अंचलों के लिए है, ताकि जिन ग्रामीणों के पास एटीएम कार्ड नहीं है और जिन्हें कैशलेस ट्रांजेक्शन की जानकारी नहीं है, वे ग्रामीण इस सुविधा से अपना लेन-देन कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में कुल 2743 एटीएम हैं, जिनमें नोटबंदी के बाद 3 दिसंबर तक 2065 एटीएम नए सिरे से शुरू कर दिए गए हैं। उन्होंने बैंक मित्र को भी बढ़ावा दिए जाने की बात भी कही। इसके माध्यम से बैंक अपनी शाखा के अंतर्गत आने वाले गांवों में जाकर शिविर के माध्यम से ग्रामीणों तक अपनी सेवाएं पहुंचाएंगे।