छत्तीसगढ़ में नागरिक आपूर्ति निगम (निगम) में हुए घोटाले पर सरकार की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। राज्य सरकार को लगातार विपक्ष के विरोध का शिकार होना पड़ रहा है।
नान घोटाले को लेकर कांग्रेसी विधायकों ने सदन में जमकर हंगामा किया। हंगामे के चलते अनिश्चितकाल के लिए सदन की कार्रवाही स्थगित करनी पड़ी। वहीं सदन में हंगामा कर रहे 29 विधायक निलंबित हो गए। नान घोटाले में विपक्ष ने सीबीआई जांच की मांग की है।
जांच पर शक
रमन सरकार की गले की फांस बनता नान घोटाले पर चर्चा की मांग को लेकर गुरुवार को सदन में कांग्रेसी विधायकों ने जोरदार हंगामा किया। कांग्रेसी विधायक भूपेश बघेल ने प्रश्नकाल शुरु होते ही नान घोटाले पर चर्चा की मांग की। विपक्ष की इस मांग पर आपत्ति जताते हुए संसदीय कार्यमंत्री अजय चंद्राकर ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर सदन में कई बार चर्चा की जा चुकी है।
विस अध्यक्ष्ा गौरी शंकर ने कहा कि इस मामले में पहले भी चर्चा की अनुमति दी जा चुकी है। सदन में चर्चा न होने से गुस्साए कांग्रेसी विधायकों ने हंगामा शुरु कर दिया और जमकर नारेबाजी की। विपक्ष का कहना था कि नान घोटाले की जांच एसीबी और एयूडब्ल्यू से न कराकर मामले की जांच सीबीआई या सुप्रीम कोर्ट के जज से कराई जाए।
विपक्ष का कहना था कि एसीबी और एयूडब्ल्यू राज्य सरकार के नियंत्रण में और इसमें जांच प्रभावित हो सकती है। हंगामा करते हुए विपक्षी विधायक सदन के गर्भ गृह में आए गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। बाद में विधानसभा अध्यक्ष ने विधायकों के सदन के गर्भगृह में पहुंचकर नारेबाजी करने पर विधायकों को सदन से बाहर जाने को कहा और 29 विधायकों के निलंबन की घोषणा की और अनिश्चितकाल के लिए विधानसभा भंग कर दी।
इन विधायकों को किया गया निलंबित
निलंबित किए गए विधायकों में नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव, बृहस्पत सिंह, धनेंद्र साहू, अरुण वोरा, उमेश पटेल, अनिला भेड़िया, तेजकुंवर गोवर्धन नेताम, देवती कर्मा, दीपक बैज, शंकर धु्रवा, डॉ. प्रीतम राम, डॉ.रेणु जोगी, भूपेश बघेल, दलेश्वर साहू, भोलाराम साहू, गिरवर जंघेल, चुन्नीलाल साहू, जनकराम वर्मा, भैयाराम सिन्हा, सियाराम कौशिक व राजेंद्र कुमार राय सत्यनारायण शर्मा, लखेश्वर बघेल, मोतीलाल देवांगन, मोहन मरकाम, संतराम नेताम, दिलीप लहरिया, अमित जोगी, पारसनाथ राजवाड़े आदि शामिल हैं।