नई दिल्ली में आज शनिवार को हुई नीति आयोग की बैठक में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार से कई बड़ी मांग की। उन्होंने साल 2047 का विकसित भारत और टीम इंडिया की भूमिका पर कहा कि देश की एकता और अखंडता अक्षुण्ण बनाए रखने में राज्यों की अहम भूमिका है। केंद्र सरकार राज्यों के अधिकारों का सम्मान करें। उसके हिस्से के संसाधनों को भी हस्तांतरित करने की प्रणाली को और मजबूत बनाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी क्षेत्र बस्तर में औद्योगीकरण को बढ़ावा देने के लिए पिछले चार वर्षों में लगभग 9 हजार करोड़ रुपए पूंजी निवेश के लिए एमओयू किए गए हैं। इनमें इस्पात उद्योगों के लिए प्रतिवर्ष 3 मिलियन टन आयरन ओर की जरूरत होगी। इन इस्पात संयंत्रों की उत्पादन क्षमता के अनुरूप आयरन ओर आरक्षित रखा जाए और प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाए। विशेष प्रोत्साहन अंतर्गत एनएमडीसी की ओर से आयरन ओर की दर में भी 30 प्रतिशत छूट दी जाए।
मुख्यमंत्री ने एमएसएमई पर जोर देते हुए कहा कि राज्य में ग्रामीण और कुटीर क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ावा देने और क्षेत्र के संसाधनों को स्थानीय स्तर पर उपयोग किए जाने के उद्देश्य से ग्रामीण एवं कुटीर औद्योगिक नीति 2023-24 की घोषणा की गई है। एनएमडीसी की ओर से राज्य में स्थित इकाइयों को 25-30 प्रतिशत आयरन ओर ही उपलब्ध कराया जा रहा है। समुचित आयरन ओर राज्य की इकाइयों के लिए उपलब्ध कराने का उन्होंने आग्रह किया। सीएम ने कहा कि छत्तीसगढ़ के एमएसएमई उद्योगों को एसईसीएल से विगत 2-3 वर्षों से राज्य की जरूरत अनुरूप कोल नहीं मिल रहा है, मुख्यमंत्री ने इस विषय पर कार्रवाई कर छत्तीसगढ़ का हित सुरक्षित करने का अनुरोध किया।
20 हजार से कम आबादी वाले शहरों में मनरेगा लागू करने का सुझाव
उन्होंने 20 हजार से कम आबादी के शहरों में मनरेगा लागू करने का सुझाव भी दिया। मुख्यमंत्री ने रायपुर एयरपोर्ट से अंतर्राष्ट्रीय विमान सेवा शीघ्र शुरू करने और समन्वय के लिए नोडल अधिकारी की नियुक्ति का अनुरोध भी किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ के 10 आकांक्षी जिलों में सोलर पावर प्लांट की स्थापना के साथ ही 5 मेगावाट तक के सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना को हरित गतिविधियों के रूप में मान्य करते हुए वन संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत वन व्यपवर्तन से छूट प्रदान करने की मांग की। सीएम ने कहाकि महिलाओं और शिशुओं की देखभाल के सभी कार्यक्रमों के लिए एकीकृत एमआईएस प्रणाली होनी चाहिए। उन्होंने केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत केंद्र-राज्य वित्त पोषण का हिस्सा 75:25 करने का अनुरोध किया।
खनिजों से मिलने वाली एडिशनल लेवी हस्तांतरित करने का अनुरोध
मुख्यमंत्री बघेल ने खनिजों से मिलने वाली एडिशनल लेवी की 4 हजार 170 करोड़ राशि छत्तीसगढ़ को हस्तांतरण करने का आग्रह किया। इस मामले में छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से सर्वोच्च न्यायालय में प्रस्तुत सिविल सूट याचिका में केंद्र सरकार की ओर से जल्द जवाब प्रस्तुत कर निराकरण करने का अनुरोध किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कोयला एवं अन्य प्रमुख खनिजों की रॉयल्टी दरों में संशोधन की मांग की। उन्होंने कहा संशोधन नहीं होने से राज्य के वित्तीय हितों पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय बलों की तैनाती पर हुए सुरक्षा व्यय 11 हजार 828 करोड़ रुपए को केंद्र सरकार की ओर से वहन करते हुए राज्य को इस बकाया से मुक्त करने का आग्रह भी किया।
इसके अलावा बैठक में नवीन पेंशन योजना में जमा 19 हजार करोड़ की राशि की वापसी का मुद्दा भी उठाया। कोयला और अन्य प्रमुख खनिजों की रॉयल्टी दरों में संशोधन करने, जीएसटी क्षतिपूर्ति अनुदान की भरपाई करने की मांग, 2659 करोड़ की राशि इस वित्तीय वर्ष में उपलब्ध कराने और खनिजों से मिलने वाली एडिशनल लेवी की 4 हजार 170 करोड़ राशि छत्तीसगढ़ को हस्तांतरण करने का आग्रह किया।