छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रविवार को देश के युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा में ले जाने और महात्मा गांधी के दृष्टिकोण के अनुसार उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। मुख्यमंत्री बघेल महात्मा गांधी की जयंती के उपलक्ष्य में यहां आयोजित 'गांधी, युवा और नए भारत की चुनौतिया' नामक एक समारोह में बोल रहे थे।
सभा को संबोधित करते हुए बघेल ने कहा कि गांधीजी की हत्या उस विचारधारा से की गई, जो उनके श्रम के प्रति सम्मान और पिछड़े वर्गों के लोगों की गरिमा सुनिश्चित करने के उनके प्रयासों से डरती थी। गांधीजी के मन में श्रम के प्रति बहुत सम्मान था। उन्होंने किसानों, बुनकरों, श्रमिकों आदि की गरिमा सुनिश्चित करने के लिए काम किया। जब विचारधारा ने उन्हें (मजदूरों और पिछड़े वर्ग के लोगों को) हजारों वर्षों से गुलाम बनाकर रखा था, तब गांधीजी उनके आत्मविश्वास को बढ़ा रहे थे।
उन्होंने आगे कहा कि आज लोगों को श्रम के सम्मान के उसी रास्ते पर चलने की जरूरत है, जैसा राष्ट्रपिता ने दिखाया है। गांधी जी ने कहा था कि हमें अंग्रेजों से आजादी मिली है, लेकिन सामाजिक और आर्थिक आजादी अभी हासिल नहीं हुई है। वह प्रक्रिया अभी भी जारी है। सभी सरकारों ने देश को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए प्रयास किया है। मैं किसी की आलोचना नहीं करूंगा।
उन्होंने कहा कि आज के युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा में लगाने की जरूरत है और उन्हें सशक्त बनाने और उन्हें अवसर देने के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे। बघेल ने कहा कि गांधी जी के विजन के अनुसार युवाओं को आत्मनिर्भर बनना चाहिए। उन्हें लगन और मेहनत से स्वरोजगार का सृजन करना चाहिए। एक अधिकारी ने यहां बताया कि मुख्यमंत्री ने कला और जल पुनर्भरण कार्यों के क्षेत्र में क्रमशः प्रसिद्ध नाटककार और रंगमंच निर्देशक हबीब तनवीर और जल संरक्षणवादी अनुपम मिश्रा के नाम पर पुरस्कारों की घोषणा की।