न्यायालयों में बड़ी संख्या में लंबित प्रकरणों में कमी लाने के उद्देश्य से और प्रभावित पक्षकारों को त्वरित और सुलभ न्याय प्रदान करने के लिए नेशनल लोक अदालत का आयोजन हो रहा है। इसके अलावा मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, बैंक रिकवरी, सिविल प्रकरण, विद्युत संबंधी मामले, पारिवारिक विवाद के मामलों सहित अन्य मामलों का निराकरण किया जाता है।
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में शनिवार को साल की आखिरी नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला कोर्ट सहित 44 खंडपीठ में हुई इन अदालतों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लोगों की समस्याएं सुनी गईं और उनका निराकरण किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में पक्षकार सुनवाई में शामिल होने के लिए पहुंचे थे।
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दरअसल, पूरे देश में आज नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसी में राजनांदगांव जिला न्यायालय सहित नेशनल लोक अदालत के लिए 44 खंडपीठों का गठन किया गया। इसमें तहसील न्यायालय खैरागढ़, डोंगरगढ़, अंबागढ़ चौकी सहित कुल 44 खंडपीठ शामिल हैं। इसके साथी ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी लोग जुड़े।
न्यायालयों में बड़ी संख्या में लंबित प्रकरणों में कमी लाने के उद्देश्य से और प्रभावित पक्षकारों को त्वरित और सुलभ न्याय प्रदान करने के लिए नेशनल लोक अदालत का आयोजन हो रहा है। इसके अलावा मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, बैंक रिकवरी, सिविल प्रकरण, विद्युत संबंधी मामले, पारिवारिक विवाद के मामलों सहित अन्य मामलों का निराकरण किया जाता है।