बहुचर्चित शिवम साव हत्याकांड के आरोपियों के घर पर सोमवार को नगर निगम ने बुलडोजर चलाया। इस कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई शुरू होने से पहले इलाके में धारा 144 लागू कर दी गई थी। तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू होने से पहले हत्या में शामिल आरोपियों के परिजन घर पर बुलडोजर न चलाने की गुहार करते रहे, लेकिन उनकी गुहार को अनदेखी कर घर के अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया।
छावनी थाना क्षेत्र में शिवम साव की चार युवकों ने मिलकर हत्या कर दी थी। 21 जनवरी की रात को कैंप-2 शारदा पारा स्थित संजय टेंट हाउस के पास गाड़ी बैक करने के नाम पर विवाद हुआ था। इस दौरान यहां से गुजर रहे कुछ युवकों ने टेंट हाउस के संचालक और उसके बेटे शिवम साव से मारपीट की। विवाद इतना बढ़ गया कि एक युवक ने चाकू से शिवम साव पर चाकू से हमला कर दिया और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या के आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इस घटना के बाद क्षेत्र में काफी आक्रोशित माहौल बन गया और स्थानीय विधायक रिकेश सेन ने आरोपियों के अवैध कब्जों पर बुलडोजर चलाने की बात कही थी
भिलाई निगम के जोन-3 कार्यालय ने हत्या के आरोपियों के परिवार को नोटिस भेजकर घर के भू-स्वामित्व संबंधित दस्तावेज की जांच हेतु प्राधिकृत अधिकारी को प्रेषित किया गया था। इस अवैध कब्जा अथवा निर्माण को तीन दिन के भीतर स्वयं से हटाने को कहा गया था, लेकिन नहीं हटाने पर नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 के तहत बेदखली कार्रवाई की गई। पुलिस ने इस मामले में अंकेश चौहान, चंदेश प्रधान, राहुल प्रजापति, सुमित चौहान और एक अपचारी बालक को गिरफ्तार कर पुलिस ने जुलूस निकालकर क्षेत्र में घुमाया गया।