पीएम मोदी ने जय जोहार के उद्बोधन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने मां दंतेश्वरी, मां बम्लेश्वरी और मां महामाया को प्रणाम करते छत्तीसगढ़ की माताओं-बहनों को भी नमन किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि दो हफ्ते पहले मैंने आपके प्रदेश में 35 हजार करोड़ रुपए की योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। आज मुझे नारी शक्ति को सशक्त बनाने वाली महतारी वंदन योजना को समर्पित करने का सौभाग्य मिला है। महतारी वंदन योजना के तहत छत्तीसगढ़ की 70 लाख से अधिक माताओं बहनों को हर महीने एक हजार रुपए देने का वायदा किया गया। सरकार ने अपना वायदा पूरा किया। आज महतारी वंदन योजना के तहत छह सौ पचपन करोड़ रुपए की पहली किश्त जारी की गई और मैं स्क्रीन पर देख रहा हूं। लाखों लाखों बहनों के दर्शन हो रहे हैं। अलग अलग स्थान पर आपसे आशीर्वाद प्राप्त करना यह भी सौभाग्य है। आज मुझे आपके बीच पहुंचना चाहिए था पर अलग-अलग कार्यक्रमों की वजह से आज उत्तर प्रदेश में हूं और काशी से बोल रहा हूं। कल रात बाबा विश्वनाथ को प्रणाम करते हुए सभी देशवासियों की भलाई के लिए प्रार्थना की। बाबा विश्वनाथ की धरती से आपसे बात करने का अवसर मिला। मैं तो आपको बधाई देता ही हूं। बाबा विश्वनाथ भी आपको आशीर्वाद दे रहे हैं।
'बाबा भोले की नगरी बनारस से पहुंच रहा है एक हजार रुपए'
पीएम ने कहा कि 8 मार्च को शिवरात्रि की वजह से यह कार्यक्रम करना संभव नहीं था पर आज बाबा भोले की नगरी से एक हजार रुपए पहुंच रहा है। साथ ही भोले बाबा का आशीर्वाद भी पहुंच रहा है। आप सभी के खातों में हर महीने बिना किसी परेशानी के ये पैसा आता रहेगा। ये मेरा भरोसा है छत्तीसगढ़ की सरकार पर, ये मैं गारंटी दे रहा हूँ। जब माताएं-बहनें सशक्त होती हैं तो पूरा परिवार सशक्त होता है। डबल इंजन सरकार की प्राथमिकता हमारी माताओं बहनों का कल्याण है। आज परिवार को पक्का घर मिल रहा है वो भी महिलाओं के नाम पर, उज्ज्वला का सस्ता सिलेंडर मिल रहा है वो भी महिलाओं के नाम पर। 50 प्रतिशत से अधिक जनधन खाते वो भी महिलाओं के नाम पर। 65 प्रतिशत से ज्यादा मुद्रा लोन भी महिलाओं ने लिया है खासकर नौजवान बेटियों ने। उन्होंने अपना काम शुरू किया। पिछले दस वर्षों में हमारी सरकार ने सेल्फहेल्प ग्रूप के माध्यम से 10 करोड़ से अधिक महिलाओं का जीवन बदला। हमारी सरकार के प्रयासों से अब तक एक करोड़ से ज्यादा लखपति दीदी बन गई हैं। गांव गांव में इतनी बड़ी आर्थिक शक्ति बन गई है। इस सफलता को देखते हुए हमने बड़ी छलांग लगाने का फैसला किया। हमने अब संकल्प किया कि देश की तीन करोड़ बहनों को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य पूरा करेंगे।