बिहार के जमुई में सोमवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। यहां एक मां की अपनी 10 माह की बच्ची को बचाने के चक्कर में जान चली गई। लेकिन बच्ची को एक खरोंच तक नहीं आने दी। घटना को देख लोग कहने लगे कि मां आखिर मां होती है। मां की जगह कोई नहीं ले सकता। मृतक की पहचान झारखंड के गिरिडीह थाना क्षेत्र के हरिला गांव निवासी आनंद साव की पत्नी गुंजा कुमारी (24) की रूप में हुई है।
घटना को लेकर मृतका के पति आनंद साव ने बताया कि सोमवार की सुबह उसकी पत्नी गुंजा कुमारी को पेट में दर्द की शिकायत हुई। उसके बाद उसे इलाज के लिए जमुई के एक निजी क्लिनिक लाया गया। लेकिन क्लिनिक में अधिक भीड़ होने के कारण बिना इलाज कराए पत्नी और 10 माह की बच्ची को लेकर बाइक से लौट रहा था। तभी खैरा-सोनो मुख्य मार्ग के मन्धाता के पास गति तेज होने के कारण सड़क के ब्रेकर से बाइक अनियंत्रित हो गई। इस कारण बाइक के पीछे बैठी उसकी पत्नी गुंजा कुमारी और 10 माह की बच्ची सड़क पर गिर गए। लेकिन गुंजा ने अपनी बेटी को गोद में इस कदर जकड़ लिया कि उसे एक खरोंच तक नहीं आने दी। जबकि सड़क पर गिरने से गुंजा के सिर में गंभीर चोट लग गई। घटना को देख स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। फिर इसकी सूचना सोनो थाने को दी गई।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल महिला को इलाज के लिए सोनो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। जहां डॉक्टर ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। उसके बाद पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजकर पूरे मामले की छानबीन में जुट गई। महिला की मौत हो जाने से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।