छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल नीत कांग्रेस सरकार ने राज्य में 'कृष्ण कुंज' नाम से शहरों में उद्यान बनाने का फैसला किया है। इसे लेकर सियासत गर्मा गई है। इससे पहले गोमाता और भगवान राम के नाम पर सियायत जारी थी। भाजपा ने कृष्ण कुंज योजना पर तंज करते हुए कहा कि ये न राम के हैं और न कृष्ण के। रामगमन पथ बनाने में विफल रही बघेल सरकार अब श्रीकृष्ण की शरण में पहुंच गई है।
छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि कृष्ण-कुंज योजना के माध्यम से सांस्कृतिक महत्व के पेड़ों को सहेजने की पहल हो रही है। भावी पीढ़ी को बेहतर कल की ओर ले जाने के लिए यह योजना शुरू की गई है।
भाजपा को वोट के लिए याद आते हैं राम : बघेल
सीएम बघेल ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा की भगवान राम में कोई आस्था नहीं है। राम उसे सिर्फ वोट के लिए याद आते हैं। छत्तीसगढ़ की संस्कृति भगवान राम, कृष्ण और शिव से ओत प्रोत है। छत्तीसगढ़ की संस्कृति के साथ आगे बढ़ाने के लिए सरकार हर संभव कोशिश कर रही है। साथ ही, प्राकृतिक संसाधनों को सहेजने का कार्य भी सरकार कर रही है। कर्म योगी, ज्ञान योगी, भक्ति योगी के साथ भगवान कृष्ण अर्थशास्त्री भी थे। उन्होंने कृषि से गोपालन को जोड़ा था। हमारी सरकार भी इसी रास्ते पर चल रही है।
कांग्रेस सिर्फ सत्ता की : बृजमोहन अग्रवाल
उधर, राज्य के वरिष्ठ भाजपा नेता व पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि ये न राम के हैं, न कृष्ण के, ये सिर्फ सत्ता के हैं। 70 साल राज करने के बाद भी कांग्रेस ने न राम मंदिर निर्माण के बारे में सोचा, न ही कृष्ण जन्मभूमि के बारे में। कांग्रेस ने तो अदालत में श्रीराम को काल्पनिक तक बता डाला था। कालनेमी श्रीराम का नाम लेंगे, तो जनता समझ जाती हैं कि ये ठगने के लिए आए हैं।