अपने एकलौते बेटे की फोटो लिए बीरेंद्र के माता-पिता।
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जानकारी के मुताबिक, सिविल लाइन के ग्राम नकटीखार निवासी बीरेंद्र मंझवार (16) पुत्र अवधराम मंझवार नौ मार्च की शाम अपने दोस्त सुंदर मंझवार के साथ बाइक से निकला था। दोनों किसी काम से करतला के केराकछार गए थे। इसी दौरान कुछ लड़कों ने बीरेंद्र से बुरी तरह से मारपीट की। इसके चलते उसके चेहरे, गुप्तांग और शरीर के अन्य हिस्सों में चोट लग गई। वारदात के बाद बीरेंद्र घर लौट आया। अगले दिन उसकी हालत देख परिजन अस्पताल ले गए। वहां से रायपुर रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
परिजनों ने बताया कि बीरेंद्र घटना वाली रात करीब 11 बजे घर पहुंचा था। इसके बाद अपने कमरे में जाकर सो गया। सुबह जब काफी देर तक नहीं उठा तो उसे देखने कमरे में गए। चेहरा खून से लथपथ था। कंबल उठाकर देखा तो पूरे शरीर में खून लगा था। गुप्तांग और चेहरे पर चोट के निशान थे। उसी समय उसे अस्पताल ले गए थे। पिता अवधराम ने बताया कि उसे जानकारी मिली है कि केराकछार के लड़कों ने उसे बेहरहमी से पीटा था। सुंदर किसी तरह जान बचा कर भागा है।
परिजनों का आरोप है कि उन्होंने मामले की रिपोर्ट सिविल लाइन थाने में लिखवाने का प्रयास किया, लेकिन उन लोगों को करतला भेज दिया गया अबतक कहीं शिकायत दर्ज नहीं की गई है। वहीं करतला थाने में पदस्थ एएसआई अनिल खाण्डे ने बताया कि अभी शिकायत नही मिली है प्रभारी अवकाश पर है। दूसरी ओर ग्रामीण ब्लॉक कांग्रेस के अध्यक्ष अजीत दास महंत ने कहा कि मारपीट से ही किशोर की मौत हुई है। इसके लिए जो भी लोग जिम्मेदार है उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होना चाहिए।