सरकारी आवासों की हालत जर्जर
वाल्मीकि अटल आवास पंप हाउस कॉलोनी क्षेत्र में इस तरह के मामले ज्यादा हैं। लोगों का आरोप है कि कई बार नगर निगम को जानकारी दी गई। लेकिन आवश्यक काम नहीं हो सका। इस मसले को लेकर नेता प्रतिपक्ष हितानन्द अग्रवाल के द्वारा 1 मई को प्रशासन को अल्टीमेटम दिया गया था। जिसमें जरूरी काम नहीं होने पर 15 दिन बाद महापौर निवास का घेराव करने की चेतावनी दी गई थी।
हालात का जायजा लेने पहुंचे विपक्षी नेता
हालांकि इसकी नौबत नहीं आई। मौके पर नेता प्रतिपक्ष सहित भाजपा पार्षद रितु चौरसिया, पूर्व पार्षद रामगोपाल यादव सहित क्षेत्र के हितग्राही मौजूद थे, जो आगे की योजना पर विचार कर रहे थे। इस दौरान महापौर राज किशोर प्रसाद और उनकी टीम यहां पहुंची। बाद में सांसद ज्योत्सना महंत, कांग्रेस नेता हरीश परसाई सहित प्रशासन और निगम के अधिकारी पहुंचे थे। इनकी उपस्थिति में स्थानीय समस्याओं को लेकर बातें हुईं। एक मौका ऐसा भी आया जब मंच पर महापौर और नेता प्रतिपक्ष के बीच गरमा गरम बहस हो गई।
सांसद ज्योत्सना महंत का दौरा
अप्रिय स्थिति को ध्यान रखते हुए पुलिस को इलाके में तैनात किया गया। इसी बीच प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण नेताओं के द्वारा किया गया। इस दौरान भी नगर निगम के रुख को लेकर लोग खूब बरसे। लोगों ने इस बात को लेकर नाराजगी जताई कि दुर्घटना होने से खतरे बने हुए हैं। लेकिन महापौर ने कभी निरीक्षण करने की सुध नहीं ली। सांसद ज्योत्सना महंत ने महापौर का बचाव करते हुए बताया कि समय-समय पर विविध क्षेत्रों की समस्याओं का जायजा उनके द्वारा लिया जाता रहा है। यहां की समस्या का समाधान करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। तकनीकी कारणों से विलंब होने का हवाला देते हुए महापौर राजकिशोर प्रसाद ने बताया कि लगातार निगम के कमिश्नर को इस बारे में अवगत कराया गया है। वर्तमान स्थिति में आवासों का सुधार कराने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। तत्काल सुधार कैसे हो।
विपक्ष का आरोप- लोगों को उनके हाल पर छोड़ा
नेता प्रतिपक्ष हितानन्द अग्रवाल ने बताया कि जर्जर आवासों में लोगों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया है। कई प्रकार के खतरों के कारण लोग दूसरी जगह पर आसरा लेने को मजबूर है। लगातार हो रही उपेक्षा के कारण महापौर का आवास घेरने का कार्यक्रम हम लोगों ने बनाया था। निश्चित समय सीमा में आवासों का सुधार नहीं होने पर फिर से आंदोलन किया जाएगा।