वॉयस ऑफ इंडिया फेम जाकिर हुसैन का निधन।
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छत्तीसगढ़ के मोहम्मद रफी कहे जाने वाले स्टार वॉयस ऑफ इंडिया फेम जाकिर हुसैन का मंगलवार शाम को निधन हो गया। वह परिवार के साथ बिलासपुर गए थे, वहीं उन्हें दिल का दौरा पड़ा और सांसें थम गई। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ की खनकती आवाज भी हमेशा के लिए शांत हो गई। कोरबा के रहने वाले आवाज के जादूगर जाकिर हुसैन को बुधवार को सुर्पेद-ए-खाक किया गया। इस दौरान उनके चाहने वालों ने पुरनम आंखों से अंतिम विदाई दी।
परिजनों के साथ गए थे बिलासपुर
जानकारी के मुताबिक, जाने-माने गायक जाकिर हुसैन अपने परिवार के साथ कोरबा से मंगलवार को बिलासपुर गए थे। वहीं अचानक उनकी सेहत बिगड़ गई। इस पर परिजन उन्हें आनन-फानन में अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन उससे पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजन मंगलवार रात जाकिर के शव को गृह जिला कोरबा लेकर आए। यहां उनके निधन की खबर मिलते ही उनके आवास पर प्रशंसकों और रिश्तेदारों का आना शुरू हो गया।
दोपहर में दफनाया गया शव
इसके बाद दोपहर में उनके शव को जोहर की नमाज के बाद पुरानी बस्ती स्थित ईदगाह कब्रिस्तान में दफनाया गया। जाकिर अपने पीछे पिता, पत्नी और दो बच्चों सहित भरा पूरा परिवार छोड़ गए। मोहम्मद जाकिर हुसैन के आकस्मिक निधन से संगीत जगत के साथ ही हर तरफ शोक की लहर दौड़ गई है। अल्पायु में ही जाकिर हुसैन का इंतकाल संगीत प्रेमियों को गम के सागर में डूबा गया है। 'बहुत याद आओगे जाकिर' यह कहने वालों की संख्या लाखों नहीं करोड़ों में है।
88 देशों में अपनी प्रतिभा का मनवाया लोहा
जाकिर हुसैन को बचपन से ही संगीत में रुचि थी। आर्थिक रूप से काफी कमजोर परिवार से थे, लेकिन हौसला बुलंद था। उन्होंने 2008 में रियलिटी शो स्टार वॉयस ऑफ इंडिया- 2 में हिस्सा लिया था और यहां अपनी शानदार आवाज से कोरबा का नाम देश-विदेश में रोशन किया। इस रियलिटी शो में वे टॉप-5 पर पहुंचे थे। उन्होंने 88 देशों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। तब से उन्हें एक बड़ी पहचान मिली और छत्तीसगढ़ के घर-घर में वे पहचाने जाने लगे।