पुरानी बस्ती का रहने वाला कृष्णा गंगवाने प्लास्टिक का सामान वाहन में घूम-घूम कर बेचता था। जब वह करतला क्षेत्र में बेचने पहुंचा था, इस दौरान चारों ने उसे पकड़ लिया। उससे मारपीट की और फिर हत्या कर दी। इसके बाद शव को जला दिया था। हालांकि पुलिस ने अधजली हालत में शव बरामद किया। चारों ने पैसे के लेन-देन में कृष्णा की हत्या की थी।
छत्तीसगढ़ के कोरबा में फेरीवाले की हत्या मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने नाबालिग और तीन युवकों को दोषी ठहराया है। कोर्ट ने तीनों युवकों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं नाबालिग को 10 साल कैद की सजा हुई है। चारों ने मिलकर करीब एक साल पहले पैसे के लेन-देन में फेरीवाले की हत्या की थी। फिर उसके शव को बोरी में भरकर जलाया और सड़क किनारे फेंक दिया था। मामला करतला थाना क्षेत्र का है। पुलिस को खेत में पड़ा शव मिला था। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश की कोर्ट में हुई है।
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फेरीवाले कृष्णा गंगवाने की चार मार्च 2022 की रात हत्या की गई थी। पुलिस को उसका शव अधजली अवस्था में सड़क किनारे खेत पर मिला था। मामले में पुलिस ने अमन भवरे, रामजन्म यादव, राजू यादव समेत एक नाबालिग को पकड़ा था। तात्कालीन थाना प्रभारी राजेश चंद्रवंशी ने जांच के बाद चार्जशीट कोर्ट में पेश की थी। इस पर सुनवाई करते हुए फास्ट ट्रैक कोर्ट ने अमन भवरे, रामजन्म यादव, राजू यादव को उम्रकैद की सजा सुनाई है। वहीं साक्ष्य छिपाने का दोषी मानते हुए नाबालिग को 10 साल सजा दी गई है।