पिछले रविवार को कारोबारी राधेश्याम गुप्ता का नौ वर्षीय पुत्र धीरज एकाएक लापता हो गया था। कई घंटे तक घर नहीं लौटने पर परिजन चिंतित हुए और यहां वहां तलाश की। रात दो बजे तक छानबीन की लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। जिसके बाद अगले दिन मानिकपुर पुलिस चौकी में इस मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
राधेश्याम गुप्ता और उनकी पत्नी सावित्री गुप्ता ने इस मामले को लेकर बताया था कि उनकी किसी से दुश्मनी नहीं है ऐसे में उनके पुत्र का लापता होना अपने आप में कई सवाल खड़े करता है। गुप्ता परिवार ने चार दिन बीतने पर पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की थी और अपनी चिंता से अवगत कराया था।
उम्मीद जताई जा रही थी कि गुप्ता परिवार को अपने पुत्र को लेकर अच्छे संकेत मिल सकेंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अपने बच्चे की मौत को सावित्री ने बताया कि कुछ दिनों पहले पड़ोस के एक बच्चे को लेकर विवाद की स्थिति निर्मित हुई थी। बाद में उनके यहां कुछ लोगों ने गाली गलौज की भी की थी। धीरज की मौत का कनेक्शन इससे जुड़ा हो सकता है।
मृतक मासूम की माँ ने ये भी बताया कि उसकी बेटे की मौत को लेकर उसे आशंका है कि उसके साथ कोई अनहोनी हुई होगी कुछ दिन पहले इस बस्ती में विवाद हुआ था इसके बाद यह घटना सामने आई है और कोरबा की वजाय उसकी लाश दूसरे जिले में मिलना एक सन्देह है कि कही न कही उसकी हत्या हुई होगी।
कोरबा के एक अंग्रेजी स्कूल में पढ़ने वाले धीरज का शव रायगढ़ जिले के खरसिया में बरामद हुआ जिसकी जानकारी पुलिस के द्वारा परिजनों को दी गई। धीरज के चाचा ने सवाल उठाए हैं कि कोरबा से इतनी दूर भतीजे की पहुंच कैसे हुई और उसके साथ क्या कुछ हुआ, यह समझ से परे हैं। इस पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई जानी चाहिए।
इस मामले में मानिकपुर चौकी में मासूम की गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। मासूम की लाश मिलने के बाद खरसिया पुलिस ने शव का पंचनामा कार्यवाही कर पोस्टमार्टम करा परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।
पितृपक्ष अमावस्या को लोगों ने अपने दिवंगत पूर्वजों को विधि विधान के साथ विदाई दी है। इस मौके पर कुलदीपक की विदाई ने एक परिवार को भीतर से झकझोर कर रख दिया है। देखना होगा कि आने वाले दिनों में पुलिस की जांच से धीरज गुप्ता की मौत को लेकर किस तरह का सच सामने आता है।