क्या है स्वाइन फ्लू?
स्वाइन फ्लू एक वायरल इंफेक्शन है, जो मूल रूप से सूअरों से मनुष्यों में फैला। स्वाइन फ्लू एच1एन1 इन्फ्लूएंजा एक तरह का वायरस है। यह वायरस एक इंसान से दूसरे इंसान में फैल सकता है। नियमित इन्फ्लूएंजा और स्वाइन फ्लू के लक्षण बहुत मिलते-जुलते हैं। गर्मी और मानसून के मौसम में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ जाते हैं। इस बीमारी से बचाव के लिए कई वैक्सीन हैं, साथ ही इलाज के लिए कई तरह के एंटीवायरल उपचार भी मौजूद हैं। इसके अलावा हाइजीन का ख्याल रखकर और सर्जिकल मास्क पहनकर स्वाइन फ्लू से बचा जा सकता है।
स्वाइन फ्लू के लक्षण?
बुखार आना
सिरदर्द होना
डायरिया होना
खांसी आना
छींक आना
ठंड लगना
गले में खराश होना
थकान
नासिका मार्ग ब्लॉक होना
किन लोगों को स्वाइन फ्लू का खतरा ज्यादा
अध्ययनों के मुताबिक कुछ लोगों में स्वाइन फ्लू का खतरा अन्य की तुलना में ज्यादा होता है। इनमें शामिल हैं,
गर्भवती महिलाएं
हृदय रोग के मरीज
डायबिटीज के मरीज
रेस्पिरेटरी समस्याएं जैसे निमोनिया से ग्रसित लोग
65 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों और 2 साल से छोटे बच्चे को स्वाइन फ्लू जल्द होने की संभावना रहती है।
स्वाइन फ्लू से बचाव
खांसते और छींकते समय मुंह पर रूमाल रखें। मास्क का इस्तेमाल करें।
भोजन करने से पहले हाथों को अच्छी तरह से साबुन से धोएं।
भरपूर मात्रा में स्वच्छ पानी पीएं और पौष्टिक आहार का सेवन करें।
संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने पर मास्क पहनें और हाथों को अच्छे से साफ करें।
मरीजों से मिलते समय दूरी का ध्यान रखें।
भीड़ भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।
लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।