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CG Election 2023: कबीरधाम जिले में मतगणना की तैयारी पूरी, कवर्धा विधानसभा में सबसे ज्यादा राउंड में होगी गिनती

Thu, 30 Nov 2023 09:06 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, कबीरधाम
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CG Election 2023 - फोटो : अमर उजाला
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छत्तीसगढ़ विधानसभा निर्वाचन-2023 अंतर्गत 90 विधानसभा क्षेत्रों के लिए दो चरणों में हुए मतदान के बाद आगामी तीन दिसंबर को मतगणना होगी। कबीरधाम जिले के दोनों विधानसभा क्षेत्र पंडरिया व कवर्धा में सात नवंबर को मतदान हुआ था। पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा 411 मतदान केंद्र कवर्धा विधानसभा में है। इस कारण यहां का परिणाम भी लेट से आएगा। बीते 2018 के अधिकृत परिणाम आने में रात एक बज गया था।

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जिला निर्वाचन अधिकारी जन्मजय महोबे ने बताया कि सभी मतगणना केंद्रों में प्रेक्षकों की निगरानी में होने वाली मतगणना के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए 14 टेबल लगाए गए हैं। मतों की गिनती सुबह आठ बजे से शुरू होगी जिसमें सबसे पहले सेवा मतदाताओं के मतों की गणना होगी। सबसे पहले ईटीपीबीएस (इलेक्ट्रानिकली ट्रांसमिटेड पोस्टल बैलैट सिस्टम) से प्राप्त मतों के क्यूआर कोड की स्कैनिंग की जाएगी। उसके बाद डाक मतपत्रों की गिनती शुरू होगी। साढ़े आठ बजे के बाद सभी टेबलों पर एक साथ मतगणना शुरू होगी। 

प्रदेश की 90 विधानसभा सीटों में से कवर्धा में सबसे अधिक 30 चक्रों में मतगणना होगी। कड़ी सुरक्षा के बीच मतगणना केंद्रों में होने वाली मतों की गिनती के दौरान बिना प्राधिकार पत्र के किसी भी व्यक्ति को मतगणना कक्ष में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। मतगणना के दौरान अभ्यर्थी किसी भी टेबल पर जाकर मतगणना को देख सकेंगे जबकि अभ्यर्थी के अभिकर्ता सिर्फ निर्धारित टेबल पर ही मतगणना का निरीक्षण करेंगे। मतगणना की पूरी कार्रवाई मतगणना प्रेक्षक तथा सामान्य प्रेक्षक की उपस्थिति तथा निगरानी में होगी। इस दौरान प्रत्येक राउंड की समाप्ति पर अभ्यर्थी या उनके अभिकर्ता की उपस्थिति एवं प्रेक्षक की निगरानी में रैंडम आधार पर किसी दो कंट्रोल यूनिट की जांच की जाएगी। इसके अलावा सभी चक्रों की गणना पूर्ण होने पर पांच वीवीपेट का ड्रा के माध्यम से चयन कर मतों का सत्यापन किया जाएगा। स्ट्रांग रूम में त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरे में रखा गया है। पूरी मतगणना प्रक्रिया की रिकॉर्डिंग भी रखी जाएगी। इस दौरान प्रेक्षक तथा रिटर्निंग ऑफिसर को छोड़कर मतगणना कक्ष में किसी को भी मोबाइल ले जाने की अनुमति नहीं होगी। वहीं, प्रेक्षक की उपस्थिति में दो दिसंबर को मतगणना के लिए प्रायोगिक प्रशिक्षण किया जाएगा।

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