प्रदेश के नक्सल प्रभावित जिले में शामिल कबीरधाम के जंगलों में पुलिस शिक्षा पर फोकस कर रहीं है। क्योंकि, शिक्षा से ही नक्सलियों के मंसूबों पर पानी फेरा जाएगा। कबीरधाम जिले के दूरस्थ व नक्सल प्रभावित क्षेत्र के कई गांवों में स्कूल नहीं हैं। ऐसे में कबीरधाम पुलिस इन क्षेत्र में 9 अस्थाई स्कूल संचालित कर रही है। आज शुक्रवार को जिले के बोड़ला ब्लॉक अंतर्गत नक्सल प्रभावित थाना तरेगांव जंगल के ग्राम झुरगीदादर में पुलिस द्वारा निर्माण कराए गए नए स्कूल भवन को प्रारंभ किया गया। इस गांव में पूर्व में झोपड़ी में स्कूल लगता था।
कबीरधाम एसपी डॉ.अभिषेक पल्लव ने बताया कि जिले में 9 अस्थाई प्राथमिक स्कूल ग्राम झुरगीदादर, बीजादाब, पंडरीपथरा, बंदूकुदा, सौरू, सुरुतिया, मांदीभाट, बगईपहाड़, तेंदूपडवा है। इसके अलावा चार ओपन स्कूल के लिए कोचिंग सेंटर चलाया जा रहा है। अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र में स्कूल विहीन होने के कारण वहां के बच्चे शिक्षा से वंचित थे। दूर-दूर तक स्कूल नहीं होने से बच्चे स्कूल नहीं जाते थे। बच्चों को पढ़ाई से जोड़ने अस्थाई स्कूल तैयार किया। स्थानीय शिक्षित युवाओं को अध्यापन कार्य में लगाकर उन्हें रोजगार से भी जोड़ा गया।
400 बच्चे शिक्षा से जुड़े
जिले के एडिशनल एसपी विकास कुमार ने बताया कि कबीरधाम पुलिस द्वारा संचालित अस्थाई स्कूल में अब तक विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के लगभग 400 बच्चे पढ़ाई कर चुके हैं। इन बच्चों को एडमिशन के दौरान पुलिस द्वारा शैक्षणिक सामग्री भी वितरण किया जाता है। उन्होंने बताया कि अस्थाई स्कूल से पास होने के बाद कवर्धा शहर में विभिन्न हॉस्टल में 100 से अधिक विद्यार्थी अपने आगे की पढ़ाई कर रहे हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्र में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनने लगातार प्रयास किए जा रहें है। इसके साथ ही नक्सली गतिविधियों को रोकने सामुदायिक पुलिसिंग के तहत लगातार कार्य किया जा रहा है।