छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में गौ तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन शंखनाद' के तहत मनोरा पुलिस ने मूटू-जकबा जंगल में हुई गौ तस्करी के पुराने मामले में फरार चल रहे तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। तीनों आरोपियों को कुछ ही दिन पहले सिटी कोतवाली जशपुर पुलिस द्वारा दर्ज गौ तस्करी के एक अन्य मामले में अदालत से जमानत मिलने के बाद जेल से बाहर आने पर दोबारा गिरफ्तार किया गया। मूटू-जकबा जंगल में हुई घटना में उनकी संलिप्तता के पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद मनोरा पुलिस ने यह कार्रवाई की है।
जंगल के रास्ते गौवंश तस्करी
पुलिस को 3 सितंबर को मुखबिर से सटीक सूचना मिली थी कि कुछ आरोपी मूटू-जकबा जंगल के रास्ते गौवंशों को पैदल हांककर तस्करी के लिए ले जा रहे हैं। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और आठ गौवंशों को सुरक्षित मुक्त कराया। उस दौरान आरोपी जंगल और रास्ते का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे थे। मामले में पुलिस ने छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम और पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की थी।
विवेचना में आरोपियों की पहचान
विवेचना के दौरान मिले साक्ष्यों और जानकारियों के आधार पर पुलिस ने तीन संदिग्धों की पहचान की। कड़ाई से की गई पूछताछ में आरोपियों ने अपराध में शामिल होना स्वीकार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में 43 वर्षीय यूसुफ अंसारी, 32 वर्षीय एजाज अंसारी (दोनों निवासी ग्राम डड़गांव, चौकी मनोरा, जिला जशपुर) और झारखंड के जिला गुमला के थाना जारी अंतर्गत ग्राम गोविन्दपुर निवासी 32 वर्षीय मो. हलीम कुरैशी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार सिटी कोतवाली जशपुर ने भी 3 नवंबर को गौ तस्करी के एक पृथक मामले में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जहां से जमानत पर बाहर आते ही पुरानी घटना में मनोरा पुलिस ने उन्हें दोबारा पकड़ लिया।
तस्करों पर जारी रहेगी कार्रवाई
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पाटनवार ने बताया कि 'ऑपरेशन शंखनाद' के तहत जिले में गौ तस्करी में संलिप्त लोगों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। मूटू-जकबा जंगल में आठ गौवंशों की तस्करी के मामले में शामिल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गौ तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।