छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ में शराब सेवन के बाद दो लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतकों की पहचान भाजपा पार्षद रामखिलावन जांगड़े और निजी क्लिनिक संचालक जोहितराम खरे के रूप में हुई है। दोनों की शराब पीने के बाद अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें उपचार के लिए बिलासपुर के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। शराब में जहरीले पदार्थ की मौजूदगी की आशंका जताई जा रही है, हालांकि मौत की वास्तविक वजह जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
चार लोग एक साथ कर रहे थे शराब का सेवन
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार देर शाम भाजपा पार्षद रामखिलावन जांगड़े अपने तीन साथियों के साथ बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान रामखिलावन जांगड़े और जोहितराम खरे की तबीयत अचानक बिगड़ गई। दोनों को सांस लेने में परेशानी होने लगी, जिसके बाद उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पामगढ़ ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बिलासपुर रेफर कर दिया गया।
सिम्स और अपोलो अस्पताल में तोड़ा दम
रामखिलावन जांगड़े को बिलासपुर के सिम्स अस्पताल और जोहितराम खरे को अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई। इसके बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मौत के कारणों का पता लगाने के लिए विसरा सुरक्षित रखकर जांच कराए जाने की जानकारी सामने आई है।
शराब पीने के बाद बिगड़ी थी तबीयत
एसडीओपी तोपेश वर्मा के अनुसार, दोनों मृतकों ने अपने दो अन्य साथियों के साथ सादी देशी शराब का सेवन किया था। शराब पीने के बाद घर पहुंचने पर दोनों को सांस लेने में परेशानी होने लगी। हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। एसडीओपी ने बताया कि शराब सेवन के दौरान मौजूद दोनों अन्य साथियों की तलाश की जा रही है। उनसे पूछताछ के जरिए घटना से जुड़ी जानकारी जुटाने का प्रयास किया जाएगा।
घटनास्थल पर पहुंची पुलिस, कई पहलुओं पर जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद पामगढ़ थाना प्रभारी राकेश सूर्यवंशी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। पुलिस शराब सेवन से लेकर दोनों की तबीयत बिगड़ने और मौत होने तक की परिस्थितियों की पड़ताल कर रही है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों की मौत शराब में किसी जहरीले पदार्थ की मौजूदगी के कारण हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, विसरा जांच और पुलिस की पड़ताल पूरी होने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।