जांजगीर चांपा जिले में भव्य रूप से दुर्गा पूजा मानने की तैयारी चल रही है। यह नैला दुर्गा देशभर में मशहूर है। इस साल अयोध्या में बन रहे राम मंदिर के तर्ज पर 135 फिट भव्य प्रवेश द्वार बनाया जा रहा है। जोकि लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगा। हीरे मोती और सोने के जेवरात से जड़ित स्वर्ण सिंहासन में 35 फीट ऊंची मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
नैला में दुर्गा पूजा के लिए बनाए जा रहे विशाल पंडाल में स्वर्ण सिंहासन में बैठी मां दुर्गा की प्रतिमा आकर्षण का केंद्र रहेगा। वही मां दुर्गा के सिर पर चांदी के छात्र लगाया है लगभग 20 फीट व्यास वाली चांदी के छात्र के नीचे रतन जड़ित स्वर्ण सिंहासन पर मां दुर्गा विराजमान रहेगी। नैला में हर साल नए नए रूप से मां दुर्गा को सजाया जाता है और नए नए पंडाल भी बनवाए जाते है। पिछले वर्ष अक्षरधाम मंदिर के तर्ज पर पंडाल का निर्माण कराया गया था। जिसमे मां दुर्गा स्वर्ण कमल पर विराजमान थीं।
मां दुर्गा की प्रतिमा के साथ- साथ भगवान गणेश, कार्तिकेय, माता लक्ष्मी और माता सरस्वती की 15-15 फिट ऊंची प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। सभी प्रतिमाओं के ऊपर चांदी के छात्र लगाए जाएंगे जिन्हे बनाने के लिए कारीगर जुटे हुए हैं। अयोध्या के राम मंदिर के तर्ज पर पंडाल में लगभग मां दुर्गे के दर्शन के लिए ढाई हजार लोग एक साथ खड़े होकर देख सकते हैं। पंडाल के अंदर की चौड़ाई 100 फिट है। यह पंडाल बनने के बाद राम मंदिर की तरह दिखाई देगी। पूरे पंडाल में मुंबई की आकर्षक लाइट रहेगी।
नैला में मां दुर्गा की प्रतिमा हरसाल भक्तों के लिए खास होती है। फिर चाहे हीरे मोती और नवरत्नों से जड़ित प्रतिमा हो यह 50,200,500,2000 की नोट से बनी मां दुर्गा की प्रतिमा। 2022 में दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर के तर्ज पर भव्य 110 फिट पंडाल आकर्षण का केंद्र बना था।
भटगांव के कारीगरों ने बनाई है मूर्तियां
समिति के सदस्यों ने बताया की भटगांव के कारीगरों से प्रतिमा तैयार कराई जा रही है। साथ ही मां दुर्गा समेत भगवान गणेश, कार्तिकेय, माता लक्ष्मी और माता सरस्वती की मूर्तियां मिट्टी से तैयार की गई है। जिसकी ऊंचाई 15-15 फिट की है। वहीं मां दुर्गा की 35 फीट ऊंची प्रतिमा के साथ ही सभी देवी-देवताओं की प्रतिमा बनकर तैयार हो चुकी है जिन्हे मूर्त रूप दिया जा रहा है।
सीसीटीवी कैमरे, बैटरी चलित ऑटो की रहेगी व्यवस्था
समिति के राजेश पालीवाल ने बताया कि सुरक्षा को लेकर 100 से अधिक सीसीटीवी लगाए जाएंगे भीड़ को देखते हुए चार पहिया वाहनों को इस बार प्रवेश नहीं दिया जाएगा। एक किलोमीटर पहले अग्रसेन भवन के सामने पार्किंग बनाया जाएगा जहां पार्किंग की सुविधा रहेगी वहां से बुजुर्गों को पंडाल तक लाने ले जाने के लिए बैटरी चलित आटो की व्यवस्था रहेगी। इसके साथ ही 10 से ज्यादा स्थानों पर पॉर्किंग का व्यवस्था बनाई जाएगी। श्रद्धालुओं का स्वास्थ्य खराब होने पर आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी वही एंबुलेंस की भी सुविधा पंडाल के बाहर रखी गई है।