मीडिया से बात करते भाजपा महामंत्री केदार कश्यप।
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छत्तीसगढ़ के रायपुर में एससी, एसटी युवाओं के नग्न प्रदर्शन के बाद भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है। प्रदेश महामंत्री केदार कश्यप ने फर्जी जाति प्रमाणपत्र, स्थानीय भर्ती और आरक्षण के मामले सरकार को एससी, एसटी विरोधी बताया है। उन्होंने कहा कि, क्या कारण है कि फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामले में कांग्रेस सरकार कार्यवाही नहीं कर रही? जिसके कारण युवाओं को राजधानी में प्रदर्शन करने के लिए विवश होना पड़ा। स्थानीय भर्ती पर भी रोक लगा दी है। इन सभी का जवाब कांग्रेस सरकार को देना होगा।
जगदलपुर में भाजपा कार्यालय में केदार कश्यप ने मीडिया से कहा कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति वर्ग को कांग्रेस सरकार प्रताड़ित कर रही है। फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामले में कांग्रेस सरकार ने तीन महीने के भीतर ऐसे कर्मचारियों कार्यवाही करने कहा था, साढे़ चार वर्ष का समय बीतने के बाद भी बजाय कार्यवाही करने कांग्रेस सरकार फर्जी जाति प्रमाण पत्र के सहारे सरकारी नौकरी पर जमे कर्मचारियों का संरक्षण कर रही है। यह अत्यंत गंभीर विषय है,जिसका जवाब जनता मांग रही है।
केदार कश्यप ने कहा कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार में पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने बस्तर, सरगुजा जैसे क्षेत्र मे 2012 में स्थानीय भर्ती को प्राथमिकता देने की नीति बनाई थी। जिसे भूपेश सरकार ने समाप्त कर दिया। भाजपा ने इस मुद्दे को अनेक बार उठाया गया, मगर कांग्रेस सरकार ने सब अनसुना कर दिया। कश्यप ने सांसद दीपक बैज का नाम लिए बगैर कहा कि कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष बस्तर जिले से आते हैं। वो बताएं कि कांग्रेस स्थानीय भर्ती मामले में क्या कर रही है। बस्तर के युवा नौकरी के लिये भटकते ही रहेंगे। स्थानीय भर्ती को बहाल करने नये कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का रवैया क्या है ?
बस्तर में हो रही मानव तस्करी
केदार कश्यप ने कहा कि बस्तर की बालाओं की तस्करी हो रही है। उन्हें अन्य प्रदेशों में बंधक बनाया जा रहा है और प्रदेश कांग्रेस सरकार मौन साधे बैठी है। कोई भी कदम नहीं उठा रही है। कोण्डागांव जिले के ग्राम कोंगेरा की आदिवासी युवती को दक्षिणी प्रदेश में बंधक बनाकर रखा गया है लेकिन सरकार कोई कार्यवाही नहीं कर रही। ऐसे ही ग्राम बाकेल की युवती के मृत शरीर को एक दिन पूर्व दक्षिणी प्रदेश से लाकर उसके घर के सामने छोड़ दिया गया। भाजपा ने इसकी जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की है।