पशुधन विकास विभाग द्वारा जिले के अंतर्गत आने वाले पशुपालाकों के पशुधन को संक्रामक एवं भूजन्य बीमारियों, मौसमी बीमारी गलघोटू और एकटंगिया से बचाव के लिए सघन टीकाकरण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। यह टीकाकरण का कार्य आगामी एक माह तक जारी रहेगा।
बता दें कि गलघोंटू (घटसर्प) की बीमारी मुख्य रूप से गौवंशीय प्रजातियों में अधिकतर पायी जाती है और एकटंगिया (चुरचुरिया) की बीमारी कम उम्र के एक से दो वर्ष के बछड़ों में ज्यादातर फैलने की संभावना बनी रहती है। जिससे पशू पालकों को पशुधन की हानि होने की संभावना बढ़ जाती है।
उपसंचालक ने जिले के समस्त पशुपालकों से आग्रह करते हुए कहा कि अधिक से अधिक संख्या में अपने पालतू पशुओं को इस भूजन्य बीमारियों से बचाव के लिए विभाग द्वारा चलाए जा रहे टीकाकरण कार्य का लाभ लेते हुए विभागीय अमले को टीकाकरण कार्य में सहयोग करने को कहा है।