गौरेला पेण्ड्रा मरवाही में प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए कलेक्टर प्रियंका ऋषि महोबिया के मार्गदर्शन में देवरगांव स्थित मलेनिया डैम में मॉकड्रिल किया गया। इस दौरान एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की सयुक्त टीम ने प्राकृतिक आपदा के दौरान लोगों के रेस्क्यू करने का अभ्यास किया। मॉकड्रिल मे लोगों को आपदा के समय बचने और सावधानी बरतने के तरीके भी बताए गए।
बाढ़ और भूकंप के दौरान घबरायें नहीं, करें ये उपाय
बाढ़ के दौरान जरूरी सामान सुरक्षित व सूखा रखें।दूषित खाद्य सामग्रियों का सेवन न करें। साफ पानी की आपूर्ति प्राप्त होने तक सीधे एकत्रित किये हुए बरसात के पानी को उबालकर ही पिये। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गो का विशेष ध्यान रखे। बच्चों को बाढ़ के पानी में खेलने या तैरने न दे। विषैले जीव जंतु जैसे सॉप, बिच्छू आदि के प्रति सचेत रहे। डूबते व बहते हुये व्यक्ति कों किनारे से लकड़ी, रस्सी, कपड़ा या खाली जरीकेन अथवा प्लास्टिक का बड़ा डब्बा फेंककर बचायें। बाढ़ के पानी में अनावश्यक आवागमन न करें। बाढ़ से प्रभावित क्षेत्र में नदी के किनारों से सुरक्षित दूरी पर रहें।
इसी तरह भूकंप के दौरान भयभीत न हो, शांती बनाए रखे।खिड़की, बुक केस, शीशें व भारी अलमारी तथा शोकेस तथा गिरने वाली चीजों से दूर रहे |दरवाजे के पास खड़े ना हो,भूकम्प के तेज झटके से दरवाजा टूट सकता है, हवा से उड़कर आने वाले सामान भी आपको घायल कर सकते है। यदि पुराने व कमजोर घर में हैं, तो तेजी से सुरक्षित रास्ते से बाहर आयें। भूकम्प के दौरान एलिवेटर या लिफ्ट का प्रयोग ना करे, सीढ़ी से नीचे उतरे। किसी टेबल या मजबूत फर्नीचर के नीचे शरण ले और उस फर्नीचर के पैरो को तब तक मजबूती से पकड़ कर रखे, जब तक झटके रूक न जाये। अगर घर में ऐसा कोई फर्नीचर नहीं है तो घुटने के बल मजबूत दीवार के साथ फर्श पर बैठ जाए व अपने हाथों को फर्श पर रख ले तथा सिर व चेहरे को बचायें। घर से बाहर है तो इमारतों, बिजली के खम्भो व तारों तथा पेड़ों से दूर रहें व खुले मैदान मे जाऐं। भूस्खलन,बोल्डर्स, बडी बिल्डिगं व ढीले बिजली के तारों से दूरे बनाये रखें।