फिलहाल वन विभाग पूरे मामले पर खुलकर कोई बयान नहीं दे रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल तेंदुए के शावक को खोडरी वन परिक्षेत्र क्षेत्र के प्रांगण में वन अधिकारियों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया गया।
गौरेला पेंड्रा मरवाही में मरवाही वन मंडल के खोडरी वन परिक्षेत्र में तेंदुए के शावक की मौत का मामला सामने आया है। कल यह तेंदुए का शावक अपनी मां से बिछड़ कर ग्रामीण को जीवित अवस्था में जंगल के पास सटे गांव में मिला था। जिसे खोडरी वन परिक्षेत्र के अधिकारियों को सौंप दिया था। शेड्यूल एक के शावक को वन विभाग को नियमानुसार वन विभाग के रेस्क्यू सेंटर भेजना था। जहां उसका उचित रख रखाव हो सकता था परंतु वन विभाग की लापरवाही और हिलाहवाला के कारण वन अधिकारियों ने इसे अपने पास ही रखा और आज सुबह शावक की मौत हो गई।
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वन विभाग मामले पर अब लीपापोती करने में जुटा है। उनके अनुसार तेंदुए का तीन माह का शावक कुपोषित एवं कमजोर अवस्था में था जिसके कारण उसकी मौत हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। जबकि, पोस्टमार्टम करने वाली पशु चिकित्सक का मानना है कि तेंदुए के शावक के पेट में फटा हुआ दूध मिला। हो सकता है दूध पिलाने के तरीके और दूध की गुणवत्ता के कारण शावक की मौत हुई हो। फिलहाल वन विभाग पूरे मामले पर खुलकर कोई बयान नहीं दे रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल तेंदुए के शावक को खोडरी वन परिक्षेत्र क्षेत्र के प्रांगण में वन अधिकारियों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया गया।