छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले में एक बार फिर छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का आयोजन किया जा रहा है। इस बार भी हरेली तिहार पर ही इसकी शुरुआत होगी। यानी कि 17 जुलाई से प्रदेश के पारंपरिक खेल शुरू होंगे। इसका उद्देश्य नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरक खेलों को प्रोत्साहित करने, खेल प्रतिभावों को निखारनें, खेलों के प्रति जागरूकता फैलाने और खिलाड़ियों को मंच प्रदान करने के लिए किया जा रहा है। इसमें 16 प्रकार के पारंपरिक खेल विधाएं शामिल की गई हैं।
ओलंपिक के सफल आयोजन के लिए कलेक्टर प्रियंका ऋषि महोबिया की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति का गठन किया गया है। समिति में सदस्य के रूप में पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल, परियोजना निदेशक डीआरडीए आर के खूंटे, जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र चंद्रा, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास डॉ ललित शुक्ला, मुख्य नगर पालिका अधिकारी गौरेला विष्णु यादव एवं पेंड्रा अंकुर पाण्डेय और डॉ भंवर सिंह पोर्ते शासकीय महाविद्यालय पेंड्रा के प्राचार्य डॉ. आरआर राजपूत शामिल हैं। सहायक जिला खेल अधिकारी सीमा डेविड समिति के सदस्य सचिव है।
छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक में दलीय श्रेणी में गिल्ली डंडा, पिट्टूल, संखली, लंगड़ी दौड़, कबड्डी, खो-खो, रस्साकसी और बांटी (कंचा) जैसी खेल विधाएं शामिल की गई हैं। वहीं एकल श्रेणी की खेल विधा में बिल्लस, फुगड़ी, गेड़ी दौड़, भंवरा, 100 मीटर दौड़, लम्बी कूद, रस्सी कूद एवं कुश्ती शामिल हैं। छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक में तीन आयु वर्ग के प्रतिभागी भाग ले सकेगें। इसमें प्रथम वर्ग 18 वर्ष की आयु तक, दूसरा वर्ग 18 से 40 वर्ष और तीसरे वर्ग में 40 वर्ष से अधिक उम्र के प्रतिभागी होंगे।
छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक का आयोजन राजीव युवा मितान क्लब स्तर पर 17 से 22 जुलाई तक, जोन स्तर (8 राजीव युवा मितान क्लब को मिलाकर बनाए गए जोन) पर 26 से 31 जुलाई, विकासखंड एवं नगरीय क्लस्टर स्तर पर 7 से 21 अगस्त तक होगा। जिला स्तर पर आयोजन 25 अगस्त से 04 सितंबर तक होगा। संभाग स्तर पर आय 10 से 20 सितंबर तक और राज्य स्तर पर 25 से 27 सितंबर तक किया जा रहा है।