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Bilaspur: ACB अफसर बन पिता-पुत्री से 9 लाख ठगे; होमियोपैथी छात्रा को सिखाता था रेकी, दिया नौकरी का झांसा

Thu, 20 Oct 2022 02:30 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिलासपुर

सार

आरोपी थानेश्वर शर्मा के खिलाफ सिविल लाइन थाने में पहले भी धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। उसने एक कॉलेज संचालक के परिवार के सदस्यों को सरकारी नौकरी का झांसा देकर ठगी की थी। पुलिस उसे अब तक पकड़ नहीं सकी है। 
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सांकेतिक फोटो - फोटो : social media
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में रेकी सिखाने वाले एक डॉक्टर ने खुद को ACB अफसर बताकर ओडिशा की होम्योपैथी की छात्रा से नौ लाख रुपये ठग लिए। आरोपी ने छात्रा और उसके पिता को मेडिकल अफसर की सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा दिया था। रुपये लेने के बाद आरोपी ने बात करना बंद कर दिया। इसके बाद छात्रा सिविल लाइन थाने पहुंची और FIR दर्ज करा दी। मामला दर्ज होने के बाद से आरोपी फरार है। बताया जा रहा है कि वह पहले भी इसी तरह झांसा देकर ठगी कर चुका है। 

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रेकी सीखने के दौरान आरोपी के संपर्क में आई
ओडिशा के मयूरगंज निवासी पल्लवी पांडा बिलासपुर के चौकसे होम्योपैथिक कॉलेज में BHMS की छात्रा है। यहां जगमल चौक पर किराये से रहती है। साल 2016 में पढ़ाई के दौरान वह रेकी सीखने नेहरू नगर स्थित शंकर रेकी सेंटर गई। वहां संचालक थानेश्वर प्रसाद शर्मा के संपर्क में आई। कुछ दिनों तक सिखाने के बाद थानेश्वर ने छात्रा से मरीजों की रेकी करने के लिए कहा। छात्रा ने पुलिस को बताया कि वह रोज नहीं जा पा रही थी, लेकिन जब जाती उससे मरीजों की रेकी कराई जाती।

आरोपी बोला-सैलरी मिलने के बाद लौटा देना
इस दौरान आरोपी थानेश्वर ने खुद को ACB का अफसर बताया और पल्लवी की नौकरी स्वास्थ्य विभाग में मेडिकल ऑफिसर के पद पर लगवाने का झांसा दिया। कहा कि उसकी ऊपर तक पहुंच है। इसके लिए 1.25 लाख रुपये लगेंगे। पल्लवी ने कहा कि वह सिर्फ 35 हजार ही अभी दे सकती है। इस पर थानेश्वर ने झांसा दिया कि बाकी रुपये मैं अपने पास से लगा दूंगा। छह माह में नियुक्ति हो जाएगी, तब सैलरी मिलने पर लौटा देना। उसकी बातों में आकर पल्लवी ने रुपये दे दिए। 
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पिता को भी दिया अफसर बनाने का झांसा
इस बीच पढ़ाई पूरी होने पर पल्लवी अपने घर ओडिशा चली गई। इसके बाद जब भी कॉल करती, थानेश्वर जल्द ही नियुक्ति की बात कहता। इस दौरान उसके पिता को भी चीफ मेडिकल ऑफिसर बनाने की बात कही और बोले कि दोनों की एक साथ नियुक्ति करा देंगे। इसके बाद पिता-पुत्री ने ब्याज और उधारी पर रकम लेकर अलग-अलग बार में थानेश्वर के खाते में करीब नौ लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद जल्द नौकरी की बात कहता रहा और फिर कॉल रिसीव करना ही बंद कर दिया। 

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