छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों में रमन सरकार के दो दिग्गज मंत्रियों के खिलाफ कांग्रेस ने दो महिला मेयरों को उतारकर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है।
रायपुर दक्षिण सीट से जहां प्रदेश के लोक निर्माण व शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के मुकाबले कांग्रेस ने रायपुर की मेयर और वकील किरणमयी नायक को मैदान में उतारा है। वहीं सूबे के दूसरे बड़े शहर बिलासपुर में स्वास्थ्य मंत्री अमर अग्रवाल के खिलाफ वहां की कांग्रेसी मेयर वाणी राव चुनौती बनकर खड़ी हैं।
बृजमोहन अग्रवाल को एक समय छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री पद का दावेदार तक माना जाता था। वहीं भाजपा के दिग्गज नेता रहे लक्खीराम अग्रवाल के बेटे अमर अग्रवाल भी रमन सरकार के सबसे प्रभावी मंत्रियों में से हैं। बृजमोहन अग्रवाल पहली बार 1990 में अविभाजित मध्य प्रदेश में विधायक चुने गए थे। बाद में तत्कालीन मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा ने उन्हें मंत्री भी बनाया था। उसके बाद से लगातार वे पांच बार रायपुर से विधायक चुने जा चुके हैं और अब छठी बार मैदान में हैं।
पहले यह सीट रायपुर शहर के नाम से जानी जाती थी, जिसे अब दक्षिण रायपुर कहा जाता है। हालांकि इस सीट से बृजमोहन को अपराजेय मानने वाले कुछ भाजपा कार्यकर्ता भी इस बार यह कहने को मजबूर हैं कि नगर निगम के रास्ते से विधानसभा पहुंचने का सपना देख रहीं किरणमयी नायक ने मुकाबले को कुछ दिलचस्प जरूर कर दिया है।
असल में मेयर होने के नाते वे नायक लगातार सक्त्रिस्य रही हैं, मगर बृजमोहन के राजनीतिक और रणनीतिक कौशल के मुकाबले वह कमतर ही लगती हैं। मसलन दक्षिण रायपुर से मैदान में कुल 38 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 24 मुस्लिम हैं, जिन?में से अधिकांश के बारे में कहा जाता है कि उन्हें बृजमोहन भैया ने खड़ा किया है! बृजमोहन और किरणमयी के बीच यहां एक चुनावी चर्चा के दौरान कैमरे के सामने ही भिड़ंत हो चुकी है। यहां तक कि दोनों के खिलाफ एफआईआर तक दर्ज करनी पड़ी थी।
वहीं बिलासपुर से लगातार तीन बार चुने जा चुके अमर अग्रवाल वाणी राव को मुकाबले में ही नहीं मानते। हालांकि किरणमयी से उलट वाणी राव राजनीतिक पृष्ठभूमि से हैं। उनके ससुर कांग्रेस नेता ई नागेश्वर राव हैं, जिनके पिता ई राघवेंद्र राव ब्रिटिश शासनकाल में गवर्नर थे। नागेश्वर राव के बड़े भाई अशोक राव मध्य प्रदेश में मंत्री थे। अमर अग्रवाल के खिलाफ उनके पास सबसे बड़ा मुद्दा बिलासपुर शहर की 300 करोड़ रुपये की सिवरेज योजना है, जिसकी वजह से शहर में जगह-जगह गड्ढे खोद डाले गए हैं। अमर अग्रवाल कहते हैं कि मेरा एजेंडा विकास और सिर्फ विकास है।
किरणमयी नायक की तरह वाणी राव भी पहली बार विधानसभा का चुनाव लड़ रही हैं। वैसे 90 सदस्यीय विधानसभा सीटों वाले छत्तीसगढ़ में जहां कांग्रेस ने सिर्फ 14 महिलाओं को मैदान में उतारा तो सत्तारूढ़ भाजपा ने सिर्फ 11 महिलाओं को टिकट दिए हैं।
सोशल नेटवर्किंग के सहारे
खास बात यह है कि बृजमोहन और अमर अग्रवाल रमन सरकार के अपेक्षाकृत युवा मंत्री हैं और सोशल नेटवर्किंग से भी जुड़े रहते हैं। बृजमोहन अग्रवाल के नाम की बकायदा एक वेबसाइट है, जिसका इस्तेमाल अभी चुनाव प्रचार के लिए तो किया ही जा रहा है, उसके जरिये उनसे मिलने का समय भी लिया जा सकता है।
वहीं अमर अग्रवाल की खासियत यह है कि ट्विटर पर उनके 15 हजार से ज्यादा फॉलोवर्स हैं! यही नहीं, वे 14 नवंबर को बाल दिवस की बधाई भी ट्विट करना भी नहीं भूले। वहीं उन्हें चुनौती देने वाली किरणमयी नायक और वाणी राव भी फेसबुक के जरिये युवा मतदाताओं से जुड़ने की कोशिश कर रही हैं।