सरगुजा जिले के सीतापुर में बुधवार शाम को निजी क्लीनिक में इलाज के दौरान महिला की हालत बिगड़ गई और थोड़ी देर बाद उसकी मौत हो गई। महिला की मौत के बाद क्लीनिक के संचालक ने महिला को सीतापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया और भाग निकले। वहीं, परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। ममामले की जांच कर रही है। घटना के बाद सीतापुर तहसीलदार ने मिश्रा फार्मेसी सेंटर को सील कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, सीतापुर थाना क्षेत्र के ग्राम काराबेल निवासी अनिता लकड़ा (45) कुछ दिनों से बीमार थी। कुछ दिनों पहले परिजन उसे सीतापुर में संचालित मिश्रा फार्मेसी में इलाज के लिए लेकर आए थे। मिश्रा फार्मेसी के संचालक निरंजन मिश्रा ने महिला को दवाएं दीं थी। बुधवार को अनिता लकड़ा के पैरों में तेज दर्द होने पर परिजन उसे लेकर फिर से मिश्रा फार्मेसी पहुंचे थे। शाम को निरंजन मिश्रा ने महिला को इंजेक्शन दिया और कहा कि उसे ग्लूकोज चढ़ाना पड़ेगा।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में छोड़कर भाग निकला डॉक्टर
परिजनों ने बताया कि ग्लूकोज में कुछ दवाएं डालकर अनिता लकड़ा को चढ़ाया जा रहा था। इस दौरान अनिता लकड़ा की हालत बिगड़ गई और उसकी सांस फूलने लगी। परिजनों ने इसकी जानकारी निरंजन मिश्रा को दी। निरंजन मिश्रा ने अनिता लकड़ा के सीने को बार-बार दबाकर उसकी सांस नियंत्रित करने की कोशिश की। जब उसकी हालत ज्यादा बिगड़ गई तो निरंजन मिश्रा अपने निजी वाहन से परिजनों के साथ अनिता लकड़ा को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और उन्हें वहां छोड़कर भाग निकला।
गलत इंजेक्शन की वजह से गई जान
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीतापुर के चिकित्सकों ने जांच के बाद अनिता लकड़ा को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजनों ने हंगामा कर दिया। परिजनों का आरोप है कि गलत इंजेक्शन व उपचार के कारण अनिता लकड़ा की मौत हो गई है। घटना की सूचना पर सीतापुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। गुरूवार को महिला के शव का पोस्टमार्ट कराकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है। सीतापुर थाने के जांच अधिकारी एएसआई एसआर साहू ने बताया कि महिला के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
निजी क्लीनिक में ही हो गई थी मौत
मृतका अनिता लकड़ा की बेटी सोनामती बड़ा ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों ने जांच के बाद बताया कि उनकी मौत आधे घंटे पहले ही हो चुकी थी। मिश्रा फार्मेसी में ही उपचार के दौरान अनिता लकड़ा की मौत हो गई थी। परिजनों ने आरोप लगाया है कि गलत उपचार के कारण अनिता लकड़ा की मौत हुई है।
प्रशासन ने सील किया क्लीनिक
महिला की मौत एवं परिजनां के हंगामें के बाद सीतापुर तहसीलदार ने क्लीनिक को सील कर दिया है। मिश्रा फार्मेसी के संचालक निरंजन मिश्रा के पास क्लीनिक के संचालन का लाइसेंस नहीं मिला है। बताया जा रहा है कि प्रशासन ने चार वर्ष पूर्व भी अवैध तरीके से संचालित मिश्रा फार्मेसी को सील किया था। बाद में उसे खोल दिया गया और बिना लाइसेंस के ही संचालक द्वारा क्लीनिक का संचालन किया जा रहा था।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
सीएमएचओ डॉ. आरएन गुप्ता ने बताया कि उन्होंने सीतापुर बीएमओ से मामले की जानकारी ली है। पता चला है कि फार्मासिस्ट द्वारा दुकान में मरीजों का उपचार किया जाता है। कल अनिता लकड़ा को उसने इंजेक्शन लगाया था, जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई तो उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया था। अस्पताल पहुंचने के पहले ही उसकी मौत हो गई थी। बीएमओ को वीडियोग्राफी के साथ पीएम कराने कहा गया है। चार साल पहले भी दुकान सील किया गई थी, फिर कैसे खुली, इसकी भी जांच कराई जाएगी। पहले भी झोलाछाप डाक्टरों पर कार्रवाई की है और आगे भी होगी।