दुर्ग जिले में 10वीं की छात्रा दुर्गा रानी वर्मा ने आठवीं रैंक और 12वी कक्षा में भावना ने 10वीं स्थान हासिल किया है। भावना के पिता ने बेटी को फल बेचकर पढ़ाया है।
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने गुरुवार को कक्षा 10वीं और 12वीं के परिणाम घोषित किए। इस बार परिणामों में लड़कियों ने सबसे अधिक मेरिट लिस्ट में अपनी जगह बनाई है। दुर्ग जिले में भी अपनी जगह बनाई है।
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10वीं की छात्रा दुर्गा के नहीं है पिता
दसवीं बोर्ड में 8वीं रैंक पाने वाली मेधावी छात्रा दुर्गा रानी वर्मा उतई के महकाकला की रहने वाली हैं। दुर्गा के पिता की एक साल पहले ही मौत हो चुकी है। परिणाम आने के बाद दुर्गा ने अपने पिता को याद किया।
दुर्गा ने बताया कि उसके पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं। एक साल पहले बीमारी से उनकी मौत हो गई। मरने से पहले उसके पिता ने बेटी से कहा था कि अच्छे से पढ़ाई कर टॉप करना है। दुर्गा ने अपने पिता की अंतिम इच्छा पूरी करने के लिए दुर्गा ने दिन-रात पढ़ाई की और उसने छत्तीसगढ़ में 8वीं रैंक पाकर राज्य में टॉप किया।
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दुर्गा का सपना है कि वो आगे चलकर डॉक्टर बनना चाहती है। ताकी गरीब लोगों की सेवा कर सके। दुर्गा की सफलता में स्कूल के शिक्षकों का काफी योगदान रहा है। दुर्गा ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मांग की है वो आगे पढ़ाई में उसे आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए सरकार उनकी मदद करें।
फल बेचने वाले की बेटी ने जिले में किया टॉप
वहीं जिले में बारहवीं में टॉप टेन में जेवरा सिरसा के फल बेचने वाली की बेटी भावना साहू ने 12वीं में जिले में टॉप किया है। प्रदेश में 10वां स्थान हासिल किया है। भावना जेवरा सिरसा के शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल में पढ़ती है। वो शुरुआत से ही पढ़ाई लिखाई में तेज थी।
भावना ने बताया कि माता-पिता और शिक्षकों को श्रेय दिया। भावना आगे ग्रेजुएशन करने के बाद सीए के लिए ट्राई करेंगी। उसका सपना है कि वो सीए बनकर आगे काम करें। भावना की मां हाउस वाइफ हैं और पिता फल का ठेला लगाकर परिवार का भरण पोषण करते हैं।